उदयपुर. केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण मनरेगा योजना मेंं जिले के 21 सरपंचों ने लाखों रुपए की राशि के स्वीकृत कराए कामों को ज्यादा राशि में दर्शाकर करीब 12 लाख रुपए हड़प लिए। इसमें ज्यादा राशि सड़क निर्माण में दबाई गई। पंचायत रिकॉर्ड में तो ग्रेवल सड़क निर्माण बता दिया, लेकिन मौके पर सड़क गायब थी। तो कहीं घटिया सामग्री उपयोग होना सामने आया। इसके अलावा सरपंचों ने एनीकट, नलकूप निर्माण और फर्जी मस्टररोल इश्यू करके खूब पैसा उठाया।
इसका खुलासा तब हुआ, जब दो वर्ष पूर्व विशेष इंटरनल ऑडिट करवाई गई और मनरेगा कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया गया। इसमें पता लगा कि वित्तीय स्वीकृति से अधिक राशि व्यय की गई। जिले के सरपंचों के 11 वर्तमान एवं 10 पूर्व सरपंचों के खिलाफ रिकवरी निकली।
दाे साल तक सुस्ती, चुनाव आए तो परिषद हुई सख्त
जिला परिषद अब इसलिए सख्त हुई है क्योंकि जनवरी में पंचायतराज चुनाव होने वाले हैं तो अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी केसी लखारा ने बुधवार को बडग़ांव पंचायत समिति को छोड़ सभी पंचायत समिति के बीडीओ को एक नोटिस भेजा। निर्देश दिए हैं कि पंचायत चुनाव से पहले हर हाल में सरपंचों से वसूली करनी होगी। जमा नहीं कराने वाले चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। सम्पत्ति कुर्क भी की जा सकती है।
15 ग्राम सेवक और 12 इंजीनियरों ने दबा रखें हैं लाखों
> जिले के करीब 15 ग्राम सेवक और 12 इंजीनियरों के खिलाफ भी करीब 26 लाख 73 हजार रुपए की वसूली बकाया है। इनके खिलाफ भी ऐसे ही आरोप में वसूली बाकी है। भीण्डर व झाड़ोल के सबसे ज्यादा 3-3 ग्राम सेवक शामिल हैं। वसूली योग्य राशि बड़ी संख्या में 6 लाख रुपए की सराड़ा पंचायत समिति में बकाया है।