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डाउनलोड करेंउदयपुर. कानपुर में गुरुवार को 240 किलो नकली देसी घी बरामद करने के साथ पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी डालडा (वनस्पति) में तेल और दूध की क्रीम मिलाकर घी बनाता और डेढ़ सौ रुपए प्रति किलो की दर से शहर की पॉश कॉलोनियों और करीब गांवों में बेच देता था। पुलिस ने धारा 420, 272 में मामला दर्ज कर जांच और पूछताछ शुरू की है।
प्रतापनगर एसएचओ लाभूराम चौधरी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग के साझे में कार्रवाई के तहत कानपुर में लालसिंह पुत्र तखत सिंह को मिलावटी घी बनाते गिरफ्तार किया गया है। सूचना पर जाप्ता कानपुर स्थित मातेश्वरी डेयरी पहुंचा। वहां घर के पीछे कोटड़ी में लालसिंह नकली देसी घी बना रहा था। खाद्य सुरक्षा टीम के अनिल भारद्वाज व अशोक गुप्ता भी पहुंच गए।
लाल सिंह ने सप्लाई के लिए करीब 240 किलो मिलावटी घी कैनों में भर रखा था। उसके कमरे में तेल का टिन, डालडा घी, दूध क्रीम, गैस की भट्टी, सिलेंडर, इलेक्ट्रॉनिक कांटे भी मिले। यह सब पुलिस ने जब्त कर लिए। लाल सिंह ने पुलिस को बताया कि वह घर में होने वाले एक शादी समारोह के लिए यह तैयारी कर रहा है। खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके पर ही इस माल के मिलावट होने की पुष्टि की।
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ऐसे बनाता था मिलावटी घी
आरोपी लालसिंह मिलावटी घी में तेल की मात्रा अधिक रखता। आधे डालडा में तीन चौथाई तेल मिलाता तथा एक चौथाई भाग दूध की क्रीम का लेता। तीनों को गर्म कर मिलाता। ठंडा होने पर दूध क्रीम से मिलावटी घी में दाने बन जाते, जो हूबहू देशी घी लगता। इसमें सबसे ज्यादा फायदा गैस का होता। देशी घी की तर्ज पर इसे घंटों तपाने के लिए गैस खर्च नहीं होती। एक से डेढ़ घंटे में यह मिलावटी घी तैयार हो जाता।
फोटो- नकली घी बनाकर बेचने वाला लालसिंह।
फोटो : भास्कर
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