उदयपुर. पुलिस विभाग ने गुरुवार को नशा मुक्त उदयपुर अभियान की शुरुआत की। एसपी ने बीट कांस्टेबल को थाना क्षेत्र में नशे के आदी युवकों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। शुरुआत में 112 लोगों को चिंहित किया गया है। एसपी अजयपाल लांबा ने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे इस अभियान को सिर्फ दूसरों में सुधार के लिए ही नहीं, बल्कि खुद के घर के सुधार के लिए भी चलाएं। कई पुलिसकर्मियों के बच्चे भी नशे की गिरफ्त में हैं।
नशा मुक्त समाज से अपराध में कमी आएगी। एसएचओ सहित बीट कांस्टेबल को निर्देश दिए कि किसी परिवार में नशे का आदि सदस्य है तो सुधार के लिए परिवार को विश्वास में लें, काउंसलिंग करें। गिरफ्तार नहीं करने का भरोसा दिलाएं और नशा मुक्ति के लिए तैयार करें।
नशा मुक्ति के लिए काम करने वाले एनजीओ और स्वास्थ्य विभाग की मदद से 7 दिन या 15 दिन का कैम्प लगाया जाएगा। नशे के आदि व्यक्ति को यहां भर्ती कर नशे की आदत छुड़ाई जाएगी। यहां से डिस्चार्ज होने के बाद पुलिस इनके परिवार से संपर्क कर नजर रखेंगी ताकि वे दोबारा नशे की गिरफ्त में ना आए।
ऐसे करें संपर्क
परिवार, आस पड़ौस या कोई दोस्त नशे की गिरफ्त में है तो थाने, बीट कांस्टेबल या अधिकारियों को सूचित करें। इनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं होगी और ही नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
ये हैं पुलिस के टारगेट
एसपी ने बताया कि स्मैक, ब्राउन शुगर, अफीम सहित अन्य नशा करने वाले लोगों को शुरुआत में टारगेट में लिया गया है। इसके अलावा अत्यधिक शराब, भांग सेवन करके लोगों परिवार के लिए परेशानी बने लोगों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।