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निगम में 20 साल बाद चारों बोर्ड के पार्षद

7 वर्ष पहले
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उदयपुर. नगर निगम के पांचवे बोर्ड की पहली परिचय बैठक गुरुवार को बोर्ड बैठक कक्ष में हुई। बैठक में दो पूर्व सभापति एक पूर्व मेयर भी मौजूद थे। बैठक के दौरान बोर्ड बैठक कक्ष में 20 साल में पहली बार संयाेग यह रहा कि इस बार बने बोर्ड में पिछले चारों बोर्ड का समावेश नजर आया। इस बार पांचवे बोर्ड के लिए पार्षद चुन कर आए लाेकेश द्विवेदी, हंसा माली पारस सिंघवी पहले बोर्ड मेें पार्षद रह चुके हैं।
जगत नागदा, हंसा माली भगवान खारोल दूसरे, नानालाल वया सिद्धार्थ शर्मा तीसरे और सत्यनारायण मोची, पारस सिंघवी रेहाना जर्मनवाला चौथे बोर्ड में पार्षद रह चुके हैं। इनके अनुभव का लाभ इस बोर्ड को मिल सकता है।

पांचवें बोर्ड की पहली परिचय बैठक में पूर्व सभापति युधिष्ठिर कुमावत ने भी चारों बोर्ड के पार्षदों की मौजूदगी की चर्चा की। उन्होंने कहा कि मौजूदा बोर्ड ऐसा है, जिसमें चारों बोर्ड में रह चुके पार्षद हैं। मेयर चंद्रसिंह कोठारी ने कहा कि हमें ऐसा काम करके दिखाना है कि चारों बोर्ड से एक कदम आगे निकलें। यह पार्षद की भी जिम्मेदारी है कि वार्ड में निर्माण गुणवत्ता पूर्वक हों।
मेयर ने कहा कि शहर में निगम की ओर से कई महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की गई है। इनकी नियमित सफाई नहीं होने की शिकायत रहती है। अब प्रतिमाओं की नियमित सफाई होगी। आयुक्त हिम्मतसिंह बारहठ ने पार्षदों को निगम के कामकाज की जानकारी दी। डिप्टी मेयर लोकेश द्विवेदी ने अनुशासन की सीख दी।

पार्षदों को नियमित कम से कम एक घंटा वार्डों में घूमना होगा। जीतने के बाद पार्टी का नहीं, वार्ड का पार्षद हूं, यह सोच काम करना होगा। स्टाफ को अच्छी तनख्वाह मिल रही है तो मन से काम भी करे। कर्मचारी, अधिकारी कितना काम करते हैं अपने दिल से पूछ लें। भ्रष्टाचार विहीन कार्यालय बने। चंद्रसिंहकोठारी, मेयर

राजनीति में पैसे से सब काम हो सकता है। लोगोंं की यह धारणा बन चुकी है। इसे तोड़ना होगा। इसके लिए सब ईमानदारी से काम करें। मेयर, पार्षद अधिकारी किसी के बहकावे में आकर एक-दूसरे के प्रति दूरियां कायम नहीं करें। रजनीडांगी, पूर्वमेयर

पार्षद ईमानदारी समर्पण से काम करने की सोच रखें। तभी उनका जनप्रतिनिधि होना सार्थक होगा। ईमानदारी से अच्छा काम करने वालों के साथ हमेशा जनसमर्थन जुटता है।