उदयपुर संभाग में ये कुप्रथाएं हैं हावी
उदयपुर संभाग में ये कुप्रथाएं हावी हैं। जिले के कोटड़ा, झाड़ोल, सराड़ा सेमारी आदि क्षेत्रों में मौताणा कुप्रथा इस हद तक बोलबाला है कि यहां बीमारी से मौत हो या हादसे में लोग मौत के लिए किसी किसी को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे हत्या का रूप बनाने की कोशिश करते हैं। बदले में मुआवजे के रूप में मोटी रकम मांगी जाती है। राशि नहीं मिलने तक तो पोस्टमार्टम हो पाता है और ही अंतिम संस्कार। यहां तक मुआवजे पर सहमति बनने में दो से चार दिन तक लग जाते हैं। इसी तरह डायन कुप्रथा के जरिए महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। हालही में राजसमंद के थुरावड़ में एक महिला को डायन बताते हुए निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया था।