उदयपुर. जिलाप्रमुख की प्रमुख दावेदार मानी जा रही उषा तंवर की बजाय शांतिलाल मेघवाल की ताजपोशी परिजनों को नागवार गुजरी। नामांकन प्रक्रिया के दौरान शनिवार सुबह कलेक्ट्री पहुंचे पिता मांगीलाल और परिजनों का आक्रोश फूट गया। जिला परिषद सभागार में नामांकन के बीच सरेआम सनसनीखेज आरोप से भाजपा में खलबली मच गई।
पिता बोले-बेटी उषा को जिला प्रमुख का दावेदार बताकर ही कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला के सामने उतारा। हमने पार्टी के 32 प्रत्याशियों को चुनाव लड़वाने के लिए 3 करोड़ रुपए की फंडिंग भी की। दिग्गज को हराने पर भी उषा को जिला प्रमुख नहीं बनाकर हमारे साथ धोखा किया है। भाजपा के बड़े नेता पिता को कार में बिठाकर साथ ले गए।
दोपहर होते-होते सुर बदल गए। दोपहर 2 बजे पिता फिर कलेक्ट्री लौटे बोले, सुबह गुस्से में कई आरोप लगा दिए थे, हमें भाजपा से कोई शिकायत नहीं है। इधर, भाजपा के शांतिलाल के सामने कांग्रेस से बाबूलाल खटीक ने नामांकन भरा। बाड़ेबंदी से आए सदस्यों ने वोटिंग की। शांतिलाल को 26 और बाबूलाल को 16 वोट मिले। भाजपा का एक वोट कांग्रेस के खाते में चला गया। शाम को निर्वाचन अधिकारी आशुतोष पेंडणेकर ने शांतिलाल को जिला प्रमुख निर्वाचन की घोषणा करते हुए शपथ दिलाई।
पर्ची सिस्टम नहीं रखूंगा, बेझिझक मिलो
बोले,मेरे चैंबर में आने वालों के लिए पर्ची सिस्टम नहीं होगा, जिसे मिलना है बेझिझक आकर मिले। कांग्रेस के प्रतिनिधियों से भी भेदभाव नहीं होगा। जन समस्याओं की समीक्षा करेंगे। जल संकट फ्लोराइड ग्रस्त पानी वाले गांवों में शुद्ध पेयजल की योजना बनाएंगे। गांवों में नई सही सड़कों की व्यवस्था करेंगे। ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों तथा चिकित्सालयों में डाक्टर नर्स की कमी की उन्हें जानकारी है। इस कमी को दूर करने का प्रयास करेंगे।
बाड़ाबंदी का सख्त पहरा
सदस्यों को बाड़ाबंदी में रखा हुआ था। शांतिलाल मेघवाल को विधायक फूलसिंह मीणा, जिलाध्यक्ष तख्तसिंह शक्तावत पूर्व अध्यक्ष सुंदर लाल भाणावत नामांकन दाखिल कराने लाए। उषा को रात में ही बाड़ेबंदी में ले लिया था।
क्रॉस वोटिंग किसने की
भाजपा के 27 सदस्यों के बावजूद जिला प्रमुख के लिए 26 वोट ही आने से अंदरखाने चर्चा छिड़ गई कि बहुमत का बड़ा फासला होने के बावजूद क्रॉस वोटिंग कर किसने कांग्रेस को एक वोट ज्यादा दिलवाया।
आधी रात की रणनीति
भाजपा की आधी रात को पार्टी कार्यालय पर विधायकों देहात के बड़े नेताओं के साथ बैठक हुई। रात डेढ़ बजे तक तय हो गया था कि जिला प्रमुख उषा नहीं शांतिलाल बनेंगे। लेकिन दावेदारों को भनक नहीं लगने दी।