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भाजपा सरकार की कार्यशैली को जनता ने नकारा : पायलट
जिला प्रमुखों में महिलाएं पुरुषों से ज्यादा पढ़ी
जयपुर। कांग्रेसके प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने पंचायत राज चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस के 12 जिला प्रमुख बनने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पंचायत राज के नतीजे कांग्रेस पार्टी के लिए उत्साह-वर्धक होने के साथ ही भाजपा की राज्य सरकार की कार्यशैली के प्रति अविश्वास के प्रतीक हैं। पायलट ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले धौलपुर में कांग्रेस सभी 5 पंचायत समितियों पर जीती है। भाजपा का परंपरागत हाड़ौती गढ़ ढह गया है। अलवर, नागौर झुंझुनूं जिला परिषदों में कांग्रेस के जिला प्रमुख बनना भाजपा की बड़ी हार है। उन्होंने कहा कि जयपुर, बारां, डूंगरपुर, धौलपुर, सीकर सिरोही में भाजपा के जिला प्रमुख निर्वाचित होने के बावजूद भी इन जिलों में कांग्रेस के प्रधान भाजपा से अधिक संख्या में चुने गए हैं। कांग्रेस को 41 प्रतिशत और भाजपा को 43.5 प्रतिशत वोट मिले हैं। लोकसभा चुनाव-2014 से तुलना की जाए भाजपा के मत प्रतिशत में 11.5 प्रतिशत की कमी हुई है। कांग्रेस लोकसभा चुनाव के दौरान 38 लाख वोटों से भाजपा से पीछे रही थी, वहीं अब यह फासला मात्र 6 लाख का रह गया है।
जाना इस बात का द्योतक है कि भाजपा के प्रति लोगों में अविश्वास बढ़ा है।
जीती भाजपा से, प्रधान बनी कांग्रेस की
अलवरके उमरैण में भाजपा के टिकट पर पंचायत समिति सदस्य बनी मंजू पटेल को कांग्रेस ने प्रधान का सिंबल दे दिया। वे कांग्रेस से प्रधान बन भी गई।
भीलवाड़ा. मांडल पंचायत समिति की नवनिर्वाचित प्रधान अाशा बैरवा पंधान चुनाव जीतने से पहले मांडल कस्बे में अपनी दुकान पर सब्जी बेचतीं थीं। (फाइल फोटो)
गांगड़तलाई में उपद्रव, पुलिस ने लाठियां भांजकर लोगों को खदेड़ा
बांसवाड़ा.बागीदौराउपखंड क्षेत्र के गांगड़तलाई पंचायत समिति में प्रधान के चुनाव के दौरान उपद्रव हो गया। माहौल को शांत करने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखाई, लेकिन पत्थरबाजी होती रही। पुलिस ने सख्ती के साथ उपद्रवियों को खदेड़ा और लाठियां भांजी तब जाकर उपद्रवी इधर-उधर हुए। शनिवार को प्रधान के चुनाव हो रहे थे, इसी दौरान करीब साढ़े 3 बजे के आस पास कांग्रेस के सदस्यों को करीब 5-6 वाहनों में भरकर मोनाडूंगर की ओर से गांगड़तलाई ला रहे थे। गांगड़तलाई से करीब एक किमी दूर मोनाडूंगर रोड पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा रास्ता रोकने के लिए बीच सड़क पर ट्रैक्टर खड़ा कर दिया।
फिर भी कांग्रेसी वाहनों को एक ओर चलाकर तहसील कार्यालय की ओर आगे बढ़े। तहसील मार्ग के आस पास करीब 500 से ज्यादा लोग खड़े थे, जिन्होंने एक साथ पत्थरबाजी कर दी। करीब आधे घंटे तक लगातार पत्थरबाजी होती रही, वहीं पत्थरबाजी के दौरान ही कांग्रेसियों ने आठों सदस्यों को लेकर सीधे ही मतदान केंद्र पर ले गए। जैसे ही कांग्रेसी सदस्यों को अंदर ले जाने में सफल हुए, तो बाहर उपद्रव भी बढ़ गया। जिस समय यह हालात बने, तब सुरक्षा की व्यवस्था की स्थिति सामान्य थी। और इस तरह से पत्थरबाजी होने की संभावना भी कम थी। घटना की जानकारी होने के बाद कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने एडीएम नारायण सिंह शेखावत मौके पर पहुंच गए है।
पत्थरबाजीमें विधायक और डिप्टी के वाहन तोड़े
पत्थरबाजी के दौरान विधायक महेंद्रजीत सिंह मालवीया और बागीदौरा डिप्टी रामकिशन के वाहनों पर भी पथराव किया। जिससे मालवीया की गाड़ी के फ्रंट और पीछे के शीशे टूट गए है। इसी तरह से डिप्टी के वाहन के भी शीशे तोड़ दिए गए है। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दो से तीन अन्य वाहन थे, जिन पर भी हमला बोला गया है। इस पूरे प्रकरण में कुछ लोग घायल भी हुए है, लेकिन इसकी पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है।
यह हुआ था मामला, हार की थी उम्मीद
दूसरी ओर इस पूरे घटनाक्रम के पीछे से बताया जा रहा है कि हार होने की डर की वजह से पूर्व में ही नियोजित प्लानिंग थी। क्योंकि यहां पर एक निर्दलीय जीता है जो कांग्रेस समर्थित था और टिकट नहीं मिलने की वजह से एरिका ने बागी उम्मीदवार का पर्चा भर कर चुनाव जीता था। जिसको लेकर भाजपा ने भी अपने डोरे डाले थे, लेकिन बताया जा रहा है कि एरिका ने अपनी मातृ पार्टी को ही समर्थन देने का फैसला किया था। इसी के चलते उपद्रव होने की स्थिति बनी थी। आखिर में कांग्रेस उम्मीदवार सुभाष तंबोलिया को प्रधान चुना गया।
बांसवाड़ा से पहुंचा जाप्ता, मौके पर 150 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात
घटना की जानकारी बांसवाड़ा पहुंचते ही एसपी राजेंद्र प्रसाद गोयल के निर्देश पर डिप्टी विक्रमसिंह मय जाप्ता गांगड़तलाई पहुंचे। इसके बाद 3 पुलिस के वाहनों में भरकर करीब 50 से ज्यादा जवान फिर भेजे गए। शाम करीब 6 बजे के आस पास तक मौके पर भारी तादाद में जवान मौजूद थे और डिप्टी विक्रम सिंह, रामकिशन, एसडीएम लाल सिंह देवड़ा, सीआई मनोज सामरिया, सल्लोपाट एचएसओ भैयालाल आदि मौजूद थे।
पुलिस अधीक्षक का वर्जन
गांगड़तलाई में घटना हुई थी। पहाड़ों की ओर से कुछ लोगों ने पत्थरबाजी कर दी थी। लेकिन, माहौल को पुलिस ने संभाल लिया और अभी पूर्ण रूप से शांति है और ही किसी भी प्रकार का तनाव है।
-आरपी गोयल, एसपी
}भीम के अजीतगढ़ के किसान प्रवेशकुमार सालवी राजसमंद से सबसे कम उम्र के जिला प्रमुख बने।
} 21 साल की रीना कुमावत राजसमंद की 13वीं प्रधान चुनी गईं।
} देवगढ़ में भाजपा के दो प्रत्याशियों ने प्रधान के लिए नामांकन किया। उम्मेद सिंह प्रधान बने।
वर्ष भाजपा जीती कांग्रेस जीती
2015 21 12
2010 8 24
2005 13 16
सिटी रिपोर्टर. जयपुर/ उदयपुर
नवनिर्वाचित जिला प्रमुखों में साक्षरता के मामले में महिलाओं का साक्षरता स्तर पुरुषों से बेहतर रहा है। कुल 33 जिला प्रमुखों में से 18 महिलाएं हैं। इनमें से 6 महिलाएं पोस्ट ग्रेजुएट हैं जबकि इनके मुकाबले 4 पुरुष ही पोस्ट ग्रेजुएट हैं। वहीं 6 महिलाएं ग्रेजुएट हैं जबकि पुरुष ग्रेजुएट्स केवल 2 हैं। इसी तरह से सीनियर सेकेंडरी पास कुल 5 जिला प्रमुखों में से 3 महिलाएं, 2 पुरुष तथा सेकेंडरी पास 8 जिला प्रमुखों में से 2 महिलाएं तथा 6 पुरुष हैं। इनके अलावा एक महिला साक्षर तथा एक पुरुष प्रोफेशनल ग्रेजुएट है।
जिलाप्रमुखों का साक्षरता स्तर
एकप्रोफेशनल ग्रेजुएट, 10 पोस्ट ग्रेजुएट, 8 ग्रेजुएट, 5 सीनियर सेकेंडरी, 8 सेकेंडरी तथा एक साक्षर है पोस्टग्रेजुएट : अजमेर,जयपुर, जोधपुर, झुंझुनूं, दौसा, धौलपुर, नागौर, प्रतापगढ़, भरतपुर और हनुमानगढ़। ग्रेजुएट: चित्तौडगढ,जैसलमेर, जालौर, बाड़मेर, राजसमंद, सवाईमाधोपुर, सिरोही, सीकर। सीनियरसेकंडरी : अलवर,उदयपुर,कोटा, गंगानगर, बूंदी, सेकेंडरी: करोली,चूरू, झालावाड़, टोंक, पाली, बारां, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, केवलसाक्षर : बीकानेर