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उदयपुर नी सरजमीं मदीना खुदा इन ने आबाद राखे...

6 वर्ष पहले
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उदयपुर. शियादाऊदी बोहरा समाज के 53वें सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन शनिवार को उदयपुर तशरीफ लाए। उनके इस्तकबाल में भंडारी दर्शक मंडप (गांधी ग्राउंड) में समाज की ओर से जलसा हुआ।
सैयदना मुफद्दल साहब ने तय किया है कि वे जन्नतनशीं 52वें सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन की सालगिरह पर ही अपनी सालगिरह भी मनाएंगे। शहर में इसका जश्न सोमवार को होगा। इससे पहले रविवार को सैयदना खांजीपीर साहब और लुकमान साहब की दरगाह में जियारत करेंगे। दोपहर 3 बजे सुखाड़िया सर्कल से फतहपुरा होते हुए खारोल कॉलोनी मस्जिद तक जुलूस निकलेगा।

अकीदतमंदों से मुखातिब सैयदना ने उदयपुर की सरजमीं को मदीना जैसा पाक बताया। बोले, मैं इन मदीना में, उदयपुर नी सरजमीं पर आयो छूं। हिंदुस्तान की तरक्की थाये, अमनो अमान रहे, सब कौम ने बंदे मिली रहे। उदयपुर तारीफों वालो शहर छे। बुरहानुद्दीन साहब नी पसंद नो शहर छे। ते अइना तालाबों नी जिक्र फरमाते ता। खुदा इना तालाब भरेला राखे। खुदा उदयपुर ने आबाद राखे। अपने दाई-उल-मुतलक की इन दुआओं पर कई अकीदतमंद जज्बाती भी हो गए और परिसर ‘मौला-मौला, खम्मा मौला...’ से गूंज उठा।