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भींडर में कांग्रेस को समर्थन, कुराबड़ में निर्दलीय से जीती
उदयपुर| जिलेकी 17 पंचायत समितियों में निर्वाचित सदस्यों के समर्थन से शनिवार को कांग्रेस के छह, भाजपा के 10 और एक निर्दलीय प्रधान बना। गोगुंदा और कुराबड़ में भाजपा के सदस्य ने प्रधान बनने के लिए निर्दलीय पर्चा भरा। कुराबड़ में सफलता मिल गई, लेकिन गोगुंदा में बागी हार गया। यहां भाजपा प्रत्याशी दो मिनट लेट होने के कारण पर्चा नहीं भर सकी। भींडर में कांग्रेस ने भाजपा के दो सदस्यों का समर्थन लेकर प्रधान तय किया। यहां बहुमत वाली जनता सेना दो विरोधियों की जोड़ तोड़ से अपना प्रधान नहीं बना सकी। लसाडिय़ा को छोड़कर सभी जगह दोनों ही पार्टियों ने अपने अपने सदस्य और समर्थकों को बाड़ेबंदी के बीच पंचायत समिति लाकर मतदान कराया। इसको लेकर सुबह से ही पंचायत समितियों में कशमकश का माहौल रहा। जीत के बाद समर्थकों ने नवनिर्वाचित प्रधान को कंधों पर उठा लिया और मालाओं से लाद दिया।
सायरा : मीरा जीती
यहांभाजपा से मीरा देवी मेघवाल और कांग्रेस से सुमन मेघवाल ने पर्चा भरा था। बाड़ाबंदी कर पार्टी पदाधिकारी भाजपा के सभी 13 सदस्यों को एक साथ मतदान कराने पहुंचे। उसके बाद हुई गिनती में मीरा को 13, सुमन को चार वोट मिले। इस पर प्रधान निर्वाचित हुई।
फलासिया : सदन जीती
कांग्रेसकी सदन को प्रधान चुना गया है। यहां पर कुल 18 में से कांग्रेस की सदन को 14 और भाजपा की गीता को चार वोट मिले। विजयी सदस्यों में वार्ड 18 की ललिता देवी पौने पांच बजे तक वाेट देने नहीं पहुंची, ना ही उससे संपर्क हो पाया था।
सराड़ा : कांग्रेस के मोहन लाल
कांग्रेस ने अपना कब्जा कायम रखा। इस बार मोहनलाल खराड़ी प्रधान चुने गए। कांग्रेस के मोहन लाल को 13 वोट मिले वहीं भाजपा सदस्यों को दस वोट मिले इसमें एक वोट निर्दलीय का भी था।
रविवार को सेमारी के अटल सेवा केंद्र तथा सराड़ा में पंचायत समिति पर उपप्रधान के लिए मतदान होगा।
लसाड़िया : कन्हैयालाल प्रधान
सेमारी: भाजपा की सोनल
यहां विधायक गौतमलाल के पुत्र कन्हैयालाल निर्विरोध प्रधान निर्वाचित हुए। पूरी पंचायत के सदस्य भाजपा से निर्वाचित हुए है। इससे मतदान की जरूरत नहीं हुई।
भाजपा की सोनल को प्रधान निर्वाचित घोषित किया गया है। यहां पर कुल 17 मतों में से सोनल को 13 तथा कांग्रेस की किरण को 4 वोट मिले। मतगणना के बाद विजय प्रत्याशी सोनल मीणा को शपथ दिलवाई।
शेष सोलह सदस्यों को फिर से गाड़ियों मे बैंठाकर उपप्रधान के चुनाव के मद्देनजर बाड़ाबंदी कर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
सलूंबर : भाजपा के पूर्व विधायक फूलचंद जीते
भाजपाके फूलचंद को प्रधान निर्वाचित घोषित किया गया है। यहां पर कुल 21 में से फूलचंद को 13 तथा कांग्रेस की गंगा कुमारी मीणा को 8 वोट मिले। सुबह कांग्रेस भाजपा दोनों दलों की ओर से प्रधान के लिए पर्चे भरे गए। मतदान शुरू होते ही सबसे पहले भाजपा के सदस्यों ने वोटिंग की, जबकि कांग्रेस के सभी आठ सदस्य साढ़े तीन बजे वोट डालने पहुंचे।
कांग्रेस सदस्यों की वोटिंग का काम पूरा होते ही पौने चार बजे अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। वहीं भाजपा के सदस्यों को तीन वाहनों से शाम साढ़े चार बजे रवाना किया। दोनों दलों ने सभी सदस्यों से मोबाइल ले लिए हैं और किसी दूसरे फोन से भी बात करने पर पाबंदी लगाई है। भाजपा की ओर से वार्ड 6 से नवनिर्वाचित सदस्य खरका निवासी गंगा मीणा अपने दूध पीते बच्चे के साथ बाड़ा बंदी में है।
कुराबड़ : भाजपा की अस्मां निर्दलीय से बनी प्रधान
नवगठितपंचायत समिति में भाजपा और निर्दलीय के रूप में अस्मां खान ने और कांग्रेस से पूर्व उप जिला प्रमुख श्यामलाल चौधरी के परिवार से अलका चौधरी ने पर्चा भरा। भाजपा से अस्मां खान को टिकट नहीं देने पर पार्टी का फार्म रिजेक्ट हो गया। मतदान में अस्मां खान को 9, कांग्रेस को 5 और नोटा को 1 वोट मिला। इस पर अस्मां खान को निर्दलीय प्रधान निर्वाचित किया गया।
यहां भाजपा से मंजू डांगी पर्चा भरने पहुंची थी, लेकिन निर्धारित समय से दो मिनट लेट होने के कारण नहीं लिया गया। इसके बाद अस्मां खान और पार्टी समर्थकों के बीच करीब दो घंटे तक हंगामे झड़प होती रही। उसके बाद भारी जाब्ते के बीच मतदान कराया गया। जीत के बाद कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थन में भाजपा जिंदाबाद के नारे लगाए आैर जुलूस निकाला। पार्टी सूत्रों के अनुसार अस्मां खान भाजपा अल्प संख्यक मोर्चा देहात जिलाध्यक्ष नत्थे खान पठान की पुत्रवधु है। पार्टी ने उनकी बजाय दूसरे को मौका देने के लिए कहा, लेकिन नत्थे खान नहीं माने और अपनी बाड़ेबंदी अलग से रखी और पार्टी पदाधिकारियों को हस्तक्षेप का मौका तक नहीं दिया था।
झल्लारा : भाजपा की ललिता पहली प्रधान
झल्लारापंचायत समिति में भारतीय जनता पार्टी की ललिता को प्रधान निर्वाचित घोषित किया गया है। यहां पर कुल 15 में से ललिता को 9 तथा कांग्रेस की उषा कुमारी को 6 वोट मिले। गांव के अटल सेवा केंद्र में प्रधान पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा की ओर से ललिता मीणा कांग्रेस की ओर से नवजया देवी मीणा ने नामांकन दाखिल किए थे।
दोपहर तीन बजे प्रधान पद के लिए मतदान हुआ निर्धारित समय के करीब आधे घंटे बाद भाजपा समर्थित 9 प्रत्याशी बंद गाड़ियों में मतदान स्थल पहुंचे और मतदान किया। इसके बाद कांग्रेस के 4 प्रत्याशी गाड़ी में 2 प्रत्याशी पैदल ही मतदान स्थल तक पहुंचे। प्रधान पद पर ललिता तीन वोट से विजयी रही। इधर, प्रधान चुनाव को लेकर सुबह से ही झल्लारा गांव में समर्थकों की भीड़ जमा थी। कांग्रेस प्रत्याशी जहां सुबह आवेदन जमा करवाते समय ही झल्लारा पहुंच गए। वहीं भाजपा की प्रधान पद की प्रत्याशी के अलावा सभी प्रत्याशी मतदान के लिए निर्धारित समय पर ही बंद गाडिय़ों में पहुंचे। झल्लारा थानाधिकारी शैतानसिंह नाथावत मय पुलिस जाप्ता मौके पर तैनात रहे स्थिति पर नजर बनाए रहे। भाजपा प्रत्याशी गाड़ी से उतरे वोट डाला और समर्थकों का अभिवादन करते हुए उन्हीं गाड़ियों में रवाना हो गए।
गोगुंदा : भाजपा के पुष्कर तेली बने प्रधान
यहांपहली बार भाजपा का प्रधान पुष्कर तेली बने। वह राज्य में सबसे कम उम्र के 21 साल 10 माह के है। यहां भाजपा से निर्वाचित गोपालसिंह राव पार्टी के बागी हो गए और निर्दलीय पर्चा भरा। भाजपा से पुष्कर तेली और कांग्रेस से रामेश्वर ने दावेदारी रखी थी। यहां कांग्रेस ने पर्चा उठाकर निर्दलीय को समर्थन किया। राव को 6 और पुष्कर को 11 वोट मिले।
यह बगावत प्रधान पद को लेकर हुई। पार्टी आलाकमान ने पुष्कर का नाम तय किया, जबकि गोपालसिंह खुद के लिए अड़ा रहा। इसके चलते उसने नामांकन दाखिल किया। हालांकि पार्टी से खुद के अलावा उन्हें एक भी वोट नहीं मिला, जबकि कांग्रेस के वोट जुटा लिए। पार्टी सूत्रों के अनुसार आलाकमान ने उन्हें प्रधान की बजाय उपप्रधान का प्रस्ताव दिया था, लेकिन वे नहीं माने थे।
ऋषभदेव : कांग्रेस की सविता देवी
कांग्रेस की सविता देवी को प्रधान चुना गया है। यहां कुल 21 में से सविता को 13 तथा भारतीय जनता पार्टी की मंजूदेवी को 7 वोट मिले। यह पंचायत समिति नवगठित है, जिसमें पहला प्रधान चुना गया।
झाड़ोल : कांग्रेस की जैना देवी बनी प्रधान
जिले की झाड़ौल पंचायत समिति में कांग्रेस की जैना देवी को प्रधान निर्वाचित घोषित किया गया है। यहां पर कुल 21 में से जैना देवी को 12 तथा भारतीय जनता पार्टी की सुनीता देवी को 9 वोट मिले।
कोटड़ा : मुरारीलाल कोटड़ा के नए प्रधान निर्वाचित
भाजपा के मुरारीलाल बुंबरिया और कांग्रेस की ओर से सविता के बीच वोटिंग हुई। यहां मुरारीलाल बक्शीराम, जोराराम कांग्रेस का आवेदन था। मुरारीलाल को 15 कांग्रेस की सविता को 4 वोट मिले।
खेरवाड़ा : भाजपा के अमृतलाल जीते
भाजपा केअमृतलाल को प्रधान निर्वाचित घोषित किया गया है। यहां पर कुल 29 मतों में से अमृतलाल को 16 तथा पूर्व विधायक दयाराम परमार के भाई और कांग्रेस के प्रत्याशी पन्नालाल को 13 वोट मिले।
पंचायत समिति के प्रधान पद के चुनावों में चार बार लगातार सरपंच रह चुके अमृत डामोर प्रधान चुने गए। दोनों ही उम्मीदवारों को उनकी पार्टी के सदस्यों ने वोट दिए।
मावली : कांग्रेस के जीतसिंह चूंडावत बने
कांग्रेस के ब्लॉकअध्यक्ष जीतसिंह चूंडावत प्रधान बने। उनके सामने भाजपा के कृष्णगोपाल पालीवाल ने नामांकन किया। चूंडावत को तेरह पालीवाल को 12 वोट मिले। जीत के बाद चूंडावत का मुख्य चौराहे होते हुए शनिदेव मंदिर तक जुलूस निकाला गया। इसके बाद उन्होंने दर्शन किए।
बड़गांव : भाजपा के खूबीलाल बने प्रधान
भाजपा के खूबीलाल पालीवाल और कांग्रेस से स्वयंभू शर्मा ने प्रधान के लिए नामांकन दाखिल किया। भाजपा के पक्ष में नौ और कांग्रेस के पक्ष में छह सदस्यों ने मतदान किया। इस पर पालीवाल को प्रधान निर्वाचित किया गया। कांग्रेस के तीन सदस्यों को शर्मा जबकि एक को ग्रामीण विधायक सज्जन कटारा लेकर पहुंची थी।
इस पूरी प्रक्रिया में भाजपा सदस्यों को बाड़ाबंदी कर प्रभारी मोतीलाल डांगी, मनोहर चौधरी मंडल अध्यक्ष भैरूसिंह देवड़ा लेकर पहुंचे। निर्वाचन की घोषणा पर दीपक शर्मा, सरपंच कैलाश शर्मा, पन्नालाल शर्मा सहित कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर स्वागत किया।
भींडर : कांग्रेस की यशोधरा बनी प्रधान
जनता सेना के विधायक रणधीर सिंह की पार्टी यहां बहुमत होते हुए भी प्रधान नहीं बना सकी। कांग्रेस प्रदेश महासचिव गजेंद्रसिंह भाजपा के दो सदस्यों का यशोधरा कुंवर को समर्थन दिलाकर प्रधान बनाने में सफल हो गए। निर्दलीय के रूप में रेखा कुंवर ने पर्चा भरा था। 12 वोट ही मिले जबकि कांग्रेस ने 13 वोट जुटा लिए।
गिर्वा : भाजपा जिलाध्यक्ष तख्तसिंह
पंचायत समिति पहली बार भाजपा के खाते में दर्ज हुई। यहां भाजपा के देहात जिलाध्यक्ष तख्तसिंह शक्तावत प्रधान बने। यहां कांग्रेस से मनोहरसिंह ने नामांकन दाखिल किया था। मतदान के लिए कांग्रेस के सभी 9 सदस्य एक साथ पहुंचे। तख्तसिंह शक्तावत अपने 20 सदस्यों के साथ पहुंचे।