ये कृति है या कृतिकार
उदयपुर. िशल्पग्रामका यह नजारा कुछ ऐसा ही अहसास देता है दूर से देखने पर 21 दिसंबर से शुरू होने वाले शिल्पग्राम की उत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। कई राज्यों की संस्कृतियों की झलक दिखलाने वाली झोंपड़ियां आकार ले चुकी है तो मांडणा बनाए जा रहे हैं। हर प्रांत के लोक कलाकार अपनी-अपनी संस्कृति के अनुरूप रंग बिखेर रहे हैं। दीवारों पर कृतियां तैयार करती महिलाएं। -ऋषभजैन