- Hindi News
- शहर की आबादी 5 लाख : ज्यादा फायर स्टेशन हो तो घटेगी दूरी
शहर की आबादी 5 लाख : ज्यादा फायर स्टेशन हो तो घटेगी दूरी
52 साल में दो ही फायर स्टेशन बने, भीड़ से गुजरती है दमकल, हरदम हादसे का डर
जरूरत है 4 और फायर स्टेशन की लेकिन दूसरा फायर स्टेशन खुलने में भी लगे थे 48 साल
आगवालेहादसे को काबू करने जाने वाली फायरब्रिगेड बीच रास्ते में लोगों की जान भी ले लेती है। ये हालात तब हैं जब फायरब्रिगेड को तंग रास्तों या बीच शहर से गुजर कर जानलेवा बनने लगी है। शहर में नगर निगम का सबसे बड़ा फायरस्टेशन अशोकनगर में है। 48 साल तक यही एकमात्र स्टेशन था। 2010 में इंडस्ट्रीयल एरिया में एक और बना, लेकिन पानी की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से खास राहत नहीं मिली। रविवार को आयड़ में बाइक सवार मामा-भांजे की मौत इसी हालात में हुई जब फायरब्रिगेड आयड़ के तंग बाजार से गुजर रही थी। शहर नगरपालिका से नगर निगम बन गया, लेकिन प्रमुख मार्गों पर नए फायर स्टेशन नहीं स्थापित हो पाए हैं, जैसे कि जयपुर, जोधपुर में हैं।
जैसे दूसरे बड़े शहरों में हैं।
}सुखेर, प्रतापनगर या गोवर्धन विलास थाना परिसर में फायरब्रिगेड खड़ी हो, वहीं स्टाफ रहे।
}गोवर्धनविलास क्षेत्र में यूआईटी के बड़े सामुदायिक भवनों के परिसर का यूज कर सकते हैं।
}हिरणमगरी के लिए सब सिटी सेंटर क्षेत्र में फायर ब्रिगेड खड़ी की जा सकती है।
}तंग गलियों से निकलने के लिए छोटी फायर ब्रिगेड ही भेजी जाए। बड़ी गाडिय़ां तंग गलियों से निकलें।
निगम के पास 12 फायर ब्रिगेड हैं, लेकिन एक भी हाइड्रोलिक क्रेन नहीं हैं। तत्काल क्रेन भी उपलब्ध नहीं हो पाती। आयड़ में भी क्रेन आने में करीब पौन घंटा लगा था। 8 घंटे की ड्यूटी के अनुसार 12 गाड़ियों पर 24 चालक होने चाहिए, लेकिन हैं सिर्फ 21 ही। नगर निगम में स्थाई सिर्फ 3 ही हैं, बाकी 18 ठेके पर लिए चालक हैं। फायर मैन सिर्फ 18 हैं। इसके लिए 30 होमगार्ड हैं।
-फाइल फोटो।
स्टेशन बनने तक यह हो सकती है वैकल्पिक व्यवस्था
12 दमकल : हाइड्रोलिकक्रेन नहीं, स्टाफ भी कम
यूआईटी को भेजा हुआ है 4 स्टेशन का प्रस्ताव
फायरऑफिसर की ओर से बलीचा, गोवर्धन विलास, प्रतापनगर चौराहा, बेदला में फायर स्टेशन शुरू करने के लिए यूआईटी सेक्रेटरी को प्रस्ताव भेजा गया है। रीको इंडस्ट्रियल एरिया, कलड़वास और गुडली में भी जरूरत को समझते हुए रीको को लिखा गया है।
1962 से 48 सालों तक उदयपुर अशोक नगर स्थित एक मात्र फायर स्टेशन पर निर्भर रहा। मादड़ी