उदयपुर. शहर में जमीन की डीएलसी दर 1 अक्टूबर से 10 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। जमीन के बाजार भाव से हुई रजिस्ट्रियों की स्टडी के प्रस्तावों से डीएलसी रेट तय करने की तैयारी है। इसे लेकर 30 सितंबर से पहले तक बैठक होती है तो उसमें जनप्रतिनिधि चाहें तो करीब 5 प्रतिशत तक डीएलसी रेट कम करा सकते हैं। कलेक्टर आशुतोष पेडणेकर ने बताया कि डीएलसी रेट बढ़ाने काे लेकर फिलहाल बैठक की तारीख घोषित नहीं की है।
जानकारी के अनुसार शोभागपुरा, भुवाणा, बेदला और मनवाखेड़ा सहित अन्य इलाकों में जमीनों के भावों में आए उछाल के बाद डीएलसी रेट में करीब 10 फीसदी तक इजाफा हो सकता है। सब-रजिस्ट्रार तहसीलदारों ने डीएलसी के प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं। 30 सितंबर तक डीएलसी की बैठक नहीं हुई तो रेट में 10 फीसदी बढ़ोतरी हो जाएगी। ऐसे में जिला प्रशासन ने डीएलसी रेट बढ़ाने की तैयारी कर ली है। गौरतलब है कि जमीन के बाजार भाव और डीएलसी रेट में अंतर होने के कारण कई जगह रजिस्ट्री में स्टाम्प ड्यूटी ज्यादा चुकानी पड़ रही है। डीएलसी कम होने के कारण लोगों को बैंक लोन लेने में दिक्कत हो रही है।
जिला स्तरीय कमेटी (डीएलसी) के अध्यक्ष कलेक्टर होते हैं। जिले के विधायक, प्रधान, नगरपालिका चेयरमैन और सब-रजिस्ट्रार इस कमेटी के सदस्य होते हैं। डीएलसी रेट बढ़ाने का अंतिम फैसला जनप्रतिनिधियों पर ही निर्भर होता है। संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार, सब-रजिस्ट्रार डीएलसी के बारे में विचार विमर्श कर रहे हैं।
पिछले साल 15 प्रतिशत बढ़ी थी
सब रजिस्ट्रार सुरेश कुमार ने बताया कि सरकार ने बजट भाषण में डीएलसी बैठक नहीं होने पर 30 सितंबर 2014 से 10 से 15 प्रतिशत दर बढ़ाने की घोषणा की थी। उदयपुर में 1 अगस्त 2013 को डीएलसी रेट में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई थी।