उदयपुर. लुप्त होती पारंपरिक गीतों की धरोहर को पुनर्जीवित करने और भावी पीढ़ी को इससे अवगत कराने के लिए महावीर युवा मंच संस्थान द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया। थोब की बाड़ी में हुई कार्यशाला में विनायक गीत, विरद गीत, मायरा तथा वीरा आदि गीतों का प्रशिक्षण दिया गया।
महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष विजयलक्ष्मी गलूंडिया बताया कि मंगलाचरण से आयोजन की शुरुआत हुई। कार्यशाला में पुष्पा कोठारी, शकुंतला कोठारी बतौर अतिथि मौजूद रहीं।
पर्युषण में सिद्धी तप करने वाली पवन देवी गन्ना के साथ ही आठ इससे अधिक उपवास करने वाली पुष्पा सुराणा, पूर्णिमा मेहता, प्रियंका पोरवाल, मीना पगारिया, आशा मादरेचा, सुमन डामर, लीला देरासरिया, मंजू मेहता, उषा पामेचा का सम्मान किया गया।
हाल ही में संपन्न हुए पर्युषण पर्व को लेकर सखियों ने एक-दूसरे को मिच्छमि दुक्कड़म कहकर क्षमायाचना की। संचालन मंत्री प्रमिला दलाल ने किया।