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फतहनगर पालिका के पूर्व ईओ, चेयरमैन सहित 5 के खिलाफ एसीबी में परिवाद दर्ज
पूर्व पार्षद ने बेटी के नाम खरीदे जरूरतमंदों को लीज पर दिए प्लॉट
फतहनगरपालिका की बेशकीमती जमीन को वर्ष 2007 में औने-पौने दामों के फर्जी तरीके से बेचने पर एसीबी स्पेशल यूनिट ने तत्कालीन अधिशासी अभियंता (ईओ), चेयरमैन, नायब तहसीलदार सहित पांच लोगों के खिलाफ परिवाद दर्ज किया है। आरोप है कि इन्होंने मिलीभगत कर भूखंड के पट्टे 9 लोगों को जारी किए, फिर इन सात लोगों ने नियम विरुद्ध करीब 10 लाख रुपए में नगर पालिका के ही पूर्व पार्षद की बेटी के नाम भूखंड की रजिस्ट्री कर दी, जबकि इस जमीन की बाजार कीमत सवा करोड़ रुपए से अधिक है। आरोपी ईओ उदयपुर नगर निगम में राजस्व अधिकारी रह चुके हैं।
भू पट्टी में भी किया फर्जीवाड़ा
भूखंडका पट्टा प्राप्त करने वाले नानालाल ने 800 स्क्वायर फीट भू पट्टी पर कब्जा किया हुआ था, कागजों में फर्जीवाड़ा कर इस भू पट्टी को 390 स्क्वायर फीट बताकर इसे भी बेच दिया।
एएसपी उमेश ओझा ने बताया कि 2007 में रहे नगर पालिका, फतहनगर के अधिशासी अभियंता नानालाल रैगर, चेयरमैन सुनील कुमार डांगी, नायब तहसीलदार के खिलाफ पद का दुरुपयोग करने सहित भूखंड खरीदने वाली जैनब पुत्र सैफुद्दीन बोहरा और भूखंड बेचने वाले हरलाल पुत्र नूला गमेती सहित अन्य के खिलाफ परिवाद दर्ज हुआ है। जांचकर्ता एसीबी निरीक्षक हनुवंत सिंह ने बताया कि फतहनगर के वार्ड 10 में धूणी स्थान पर 11 हजार स्क्वायर फीट जमीन थी। तत्कालीन अधिशासी अभियंता और चेयरमैन ने जमीन के पट्टे एससी/एसटी के जरूरतमंद 9 लोगों को आवासीय प्रयोजन से सशर्त 99 वर्ष की लीज पर दिए। ये सभी इस जमीन को तो बेच सकते थे, ही दान दे सकते थे और ही नामांतरण कर सकते थे। इन लोगों को 1 हजार स्क्वायर फीट से अधिक भूखंड का पट्टा नहीं दिया जा सकता था। आरोपियों ने मिलीभगत कर 1 हजार स्क्वायर फीट से अधिक जमीन के पट्टे जारी किए। कुछ ही दिनों ने इन लोगों ने नगर पालिका के तत्कालीन पार्षद सैफुद्दीन बोहरा की बेटी जैनब के नाम पर रजिस्ट्री कराई। सशर्त दस्तावेज होने के बावजूद नायब तहसीलदार ने जैनब बोहरा के नाम रजिस्ट्री कर दी। जैनब बोहरा ने बिना नक्शा पास कराए इस भूखंड पर निर्माण भी शुरू कर दिया। अधिशासी अभियंता और चेयरमैन की जानकारी में मामला आने के बावजूद इन्होंने तो कोई कार्रवाई की और ही पट्टा निरस्त कर इसे पालिका संपत्ति में शामिल किया।