पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • अध्यापक से बने बीडीओ, विवादों में रहे हैं पिछले कार्यकाल भी

अध्यापक से बने बीडीओ, विवादों में रहे हैं पिछले कार्यकाल भी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कोटड़ा बीडीओ को हटाने पर अड़े सभी सरपंच-सचिव

कोटड़ा (उदयपुर) | कोटड़ापंचायत समिति के बीडीओ बबलीराम जाट के खिलाफ सभी 31 ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिव लामबंद हो गए हैं। बुधवार सुबह नारेबाजी ज्ञापन देने के बाद पंचायत समिति सभागार में टेंट लगाकर सभी धरने पर बैठ गए। सरपंच-सचिवों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक बीडीओ को हटा नहीं दिया जाता धरने से नहीं उठेंगे। राजीव गांधी केंद्रों पर तालाबंदी काम का बहिष्कार करने की चेतावनी दे दी है। तहसीलदार रघुवीरप्रसाद शर्मा को दिए ज्ञापन में बीडीओ पर अवैध वसूली, मानसिक प्रताड़ना, दुर्व्यवहार जैसे आरोप लगाए गए हैं। शेष| पेज 6

तहसीलदार,एसएचओ उदयपुर से भेजे गए अधिशासी अधिकारी अनिल आचार्य ने समझाइश की कोशिश की, लेकिन सभी जिद पर अड़े हैं। 16 अगस्त को ही कोटड़ा में ज्वाइन करने वाले बीडीओ के पिछले कार्यकाल भी ऐसे ही विवादों में रहे हैं।

खजुरिया सरपंच सुरेशकुमार दामा, ग्राम सेवक संघ कोटड़ा के अध्यक्ष बाबूलाल महेरिया, मांडवा लैम्पस अध्यक्ष मुरारीलाल बुंबरिया आदि के नेतृत्व में सरपंच, सचिव सुबह पंचायत समिति कार्यालय आए। बीडीओ के खिलाफ नारेबाजी की। बीडीओ ने सचिवों को कार्यालय बुलाया तो सभी ने इनकार कर दिया। इसके बाद सचिव सरपंच उपखंड कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाए हैं। यहां बीडीओ और सचिवों के बीच करीब एक घंटे वार्ता के दौरान कई बार तकरार की स्थिति बनी। थानाधिकारी दलपतसिंह मौके पर आए। इसके बाद सरपंच-सचिव धरने पर बैठ गए। प्रधान गवरीदेवी गरासिया भी सरपंच सचिवों के समर्थन में मौजूद रहीं। पूर्व विधायक बाबूलाल खराड़ी भी मौके पर पहुंचे दोनों पक्षों से बातचीत की।

कोटड़ा (उदयपुर). पंचायतसमिति कार्यालय के बाहर बीडीओ से उलझते सरपंच सचिव। फोटो : भास्कर

सरपंच-सचिवों के आरोप और बीडीओ बबलीराम जाट के जवाब

{बीडीओका सभी के साथ व्यवहार ठीक नहीं है।

मैंरात 10 बजे तक काम करता हूं तो सचिव क्यों नहीं कर सकते। काम के लिए कहते हैं तो व्यवहार खराब मान लिया जाता है।

{गाली-गलौजसे बात करने के अलावा धमकाते हैं।

मैंइनसे बिगाड़ क्यूं करूंगा, मुझे तो इन्हीं से काम लेना है। काम के लिए सख्ती की जाती है तो इस तरह के आरोप लगा कर माहौल बना रहे हैं।

{आपपर अवैध वसूली के भी आरोप हैं।

मुझेयहां 10 दिन भी नहीं हुए हैं। मैं किसी