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यह है प्रावधान

7 वर्ष पहले
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लापरवाही :ज्वलनशील से भरे टैंकर चलाने वालों के खिलाफ भी आम हादसों की तरह होती है जांच

िवशेष डीएल, सर्टिफिकेट से पुलिस बेखबर, जांच नहीं होती

कम्पनी के लिए भी नुकसानदायक

हेजार्ड्सगुड्सके लाइसेंस के बगैर चालक गाड़ी चलाता है और वह दुर्घटनाग्रस्त होती है तो इसमें कम्पनी का ज्यादा नुकसान होता है। इंशोरेंस नहीं मिल पाता है। बगैर ड्राइविंग लाइसेंस के चालक को गाड़ी देने पर पुलिस भी दुर्घटना के मामले में कम्पनी को आरोपी बना सकती है।

आरटीओ भंवरलाल ने बताया कि आरटीओ की ओर से हेजार्ड्स गुड्स की अलग से परमिट दी जाती है। ड्राइविंग लाइसेंस में हेजार्ड्स गुड्स का ऑप्शन और वेलिडिटी लिखी जाती है। चालकों को कम्पनियों की ओर से ट्रेनिंग कराई जाती है। इन ट्रेनिंग सर्टिफिकेट को चालक परिवहन विभाग में सबमिट कराता है और इसी आधार पर हेजार्ड्स गुड्स परिवहन की स्वीकृति दी जाती है।

नहीं मिला ड्राइवर का लाइसेंस

शनिवारको पावर हाउस के पास गैस टैंकर पलटने के मामले में पुलिस को गाड़ी से दस्तावेज मिले इसमें चालक का गेट पास आईडी एस्सर कम्पनी की है, जबकि हादसा एचपी गैस टैंकर का हुआ है। पुलिस अब तक तो चालक को गिरफ्तार कर सकी है और ही उसका लाइसेंस चेक कर पाई है।

14 दिसंबर को प्रकाशित खबर

भास्कर न्यूज | उदयपुर

पेट्रोल,गैसजैसे ज्वलनशील पदार्थ (हेजार्ड्स गुड्स) लोडकर वाहन चलाने वाले ड्राइवर के पास विशेष ड्राइविंग लाइसेंस और सर्टिफिकेट जरूरी होता है, इस बात से जिले की पुलिस भी वाकिफ नहीं है। लिहाजा चेकिंग में तो इसकी जांच होती है ही हादसे के बाद चालान में इसका जिक्र हो पाता है।

इन हादसों में पुलिस कभी भी कम्पनी मालिक को आरोपी नहीं बनाती है। पावरहाउस हादसे के दूसरे दिन रविवार को भास्कर ने शहर के सभी एसएचओ से इस नियम के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि चालकों के पास हेवी व्हीकल के ड्राइविंग लाइसेंस होते हैं। हिरणमगरी एसएचओ के अलावा किसी को हेजार्ड्स गुड्स के ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी नहीं थी।

ऐसे होते हैं हेजार्डस वेलिडिटी लिखे ड्राइविंग लाइसेंस।

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