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गुटबाजी पर कटाक्ष और नेताओं में बयानों से आमना-सामना
कांग्रेस के पंचायतीराज सम्मेलन में नेताओं के 2 सुर
नेहरू-गांधी का इतिहास बताने से नहीं मिलेंगे वोट
पुरखोंने ही बनाई पार्टी, इतिहास तो बताना पड़ेगा
निकायचुनावमें करारी हार के बाद कांग्रेस के दिग्गज और पदाधिकारी रविवार को फिर जुटे सुविवि सभागार में। जिला स्तरीय सम्मेलन में चर्चा तो पंचायती राज चुनाव की तैयारी की करनी थी, लेकिन एजेंडा गुटबाजी और एक-दूजे के विरोधाभासी बयानों की तरफ मुड़ गया। नवनियुक्त प्रदेश महासचिव जगदीश राज श्रीमाली ने कहा कि कांग्रेस ने यह किया, नेहरूजी ने यह किया, इंदिरा गांधी ने यह किया बताकर चुनाव लड़ते-लड़ते 60 साल हाे गए हैं।
इतिहास सुनाने से अब वाेट नहीं मिल सकते अब तो नई योजनाएं और विजन बताना होगा। जवाब में पूर्व संसदीय सचिव गजेंद्रसिंह शक्तावत ने कहा कि हमारे बाप-दादाओं के काम के आधार पर ही पार्टी है। नई पीढ़ी को पुरानी गौरव गाथा इतिहास तो बताना ही होगा। पूर्व सांसद एवं नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष रघुवीर मीणा ने भी कहा कि बच्चे का रिश्ता तय करना हो तो भी परिवार का पुराना इतिहास बताना ही पड़ता है। इससे पूर्व पार्टी के तीनों पार्षदों के साथ ही पराजित प्रत्याशियों का सम्मान भी किया गया। इस मौके पर पूर्व मंत्री मांगीलाल गरासिया, जिला प्रमुख मधु मेहता, शहर जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाड़िया भी मौजूद थे।
{सही प्रत्याशी का चयन। टिकट सिफारिश से नहीं।
{कठपुतली बनकर चलने वालों को आगे नहीं लाया जाए।
{युवाओं, सेवाभावी ईमानदार को टिकट दिए जाए।
{नेताओं पदाधिकारियों को पंचायतें गोद दी जाए।
{अति आत्म विश्वास में चुनाव नहीं लड़ें।
सुझाव, तय हो जिम्मेदारी
बड़े चुनाव में फंड पंचायत के लिए क्यों नहीं
जगदीशराज श्रीमाली ने कहा कि सांसद के लिए दो करोड़, विधायक के लिए 50 लाख रुपए पार्टी फंड से मिलता है, मगर पंचायत चुनाव में कई कार्यकर्ताओं के पास फार्म भरने का पैसा भी नहीं होता। वो चुनाव कैसे जीतेगा। गजेंद्रसिंह शक्तावत और पूर्व मंत्री दयाराम परमार ने भी समर्थन किया।
कांग्रेस के जिला स्तरीय सम्मेलन में मंच पर बैठे नेता।
दुकानें चलाकर बैठेंगे तो नहीं चलेगा : गिरिजा
पूर्वकेंद्रीय मंत्री डाॅ. गिरिजा व्यास ने कहा कि छोटी-छोटी दुकानें चलाकर बैठेंगे तो पार्टी आगे नहीं बढ़ेगी। निराश कार्यकर्ताओं में आशा जगानी है। वक्त सोचने का है कि कांग्रेस को