पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • राष्ट्र भाषा के रूप में मने हिंदी दिवस

राष्ट्र भाषा के रूप में मने हिंदी दिवस

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
उदयपुर| साहित्यकारडॉ. देव कोठारी ने कहा कि हिंदी दिवस राष्ट्र भाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने में अहिंदी भाषी राज्यों का प्रमुख योगदान रहा है। अत: हिंदी दिवस को राष्ट्र भाषा दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। डॉ. कोठारी रविवार को साहित्य संस्थान राजस्थान विद्यापीठ की ओर से हिंदी दिवस पर संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्ष कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत संस्थान निदेशक प्रो. जीवन सिंह खरकवाल, प्रो. मलय पानेरी, डॉ. उदय किरोला ने भी विचार रखे। इस मौके पर ज्योतिपुंज, जगदीश आकाश, विमला जोशी, प्रकाश तातेड़, लाल दास, अनुरागी आदि ने काव्य पाठ किया। संचालन डॉ. कुलशेखर व्यास ने किया। समारोह में कुलपति ने डाॅ. कोठारी, राजेंद्र मोहन भटनागर, डॉ. भगवतीलाल व्यास, डॉ. उदय किरोला, विमला जोशी को सम्मानित किया।

राजभाषाहिंदी के प्रोत्साहन के लिए लिया संकल्प: लायंसक्लब उदयपुर हाड़ा-रानी के सदस्यों ने राजभाषा हिंदी के प्रोत्साहन के लिए संकल्प लिया। क्लब सदस्यों के लिए काव्यपाठ, मुहावरा आदि स्पर्धाएं हुई। आर्य समाज हिरणमगरी के कार्यक्रम में हिंदी के विकास में आर्य समाज महर्षि दयानंद सरस्वती के योगदान पर चर्चा हुई। राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. सुरेंद्र छंगाणी ने पशुपालन तकनीक साहित्य में हिंदी के उपयोग पर जोर दिया। राज बाग में युगधारा की संगोष्ठी में गौरी शंकर गर्ग, भंवरलाल नागदा, सुरेश बत्रा ने रचनाएं पढ़ीं।

भारतीय लायंस परिसंघ द्वारा मनोहरपुरा में स्कूली बच्चों को रोजमर्रा काम की वस्तुएं बांटी गई।