उदयपुर. शिक्षक दिवस पर दो मंत्रियों द्वारा सम्मान समारोह में शिक्षा व्यवस्था काे मखौल बताने वाले बयान के खिलाफ शिक्षकों ने रविवार को मंत्रियों सचिव के पुतले जलाए। राजस्थान शिक्षक शिक्षाधिकारी संघर्ष समिति के बैनर तले हुए प्रदर्शन में प्रदर्शन के बाद नुक्कड़ नाटक भी किया गया।
समिति के प्रदेशाध्यक्ष बाबू लाल जैन ने बताया कि विद्यालय एकीकरण शिक्षक समानीकरण की एकतरफा प्रक्रिया में शिक्षकों को विश्वास में लेने के बजाय उनके खिलाफ जहर उगल रहे हैं। इससे शैक्षिक अराजकता की स्थितियां पैदा हो रही हैं। जैन ने शिक्षकों को भ्रामक तथ्यों से बदनाम करना बंद नहीं करने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन में लच्छी राम गुर्जर, नरेंद्र जोशी, रमेश जोशी, मदन लाल सिंघाडिय़ा, बंसीदास वैरागी आदि मौजूद थे।
राष्ट्रीय शिक्षक संघ की बैठक
राजस्थानशिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने रविवार को बैठक आयोजित एकीकरण समानीकरण का विरोध किया। बैठक में आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई। बताया कि संघ की 16 सितंबर को प्रदेश स्तर पर होने वाली बैठक में मंत्रियों के बयान के खिलाफ आंदोलन की तिथि तय करेगा। बैठक में जिला पदाधिकारियों, प्रदेश पदाधिकारियों, उपशाखा अध्यक्ष-मंत्रियों तथा महिला मंत्री मौजूद रहे।
बैठक में प्रदेश के पूर्व सभाध्यक्ष अर्जुन मंत्री मुख्य अतिथि जिला सभाध्यक्ष जगदीश चंद्र सुथार अध्यक्ष रहे। अर्जुन मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा आनन-फानन में विद्यालयों के एकीकरण समानीकरण का शिक्षा विभाग में अराजकता का माहौल पैदा कर दिया। पहले वोटों की राजनीति के कारण पहले तो विद्यालय खोल दिए। अब उन्हें बंद करने का निर्णय लेकर ग्रामीणों, छात्रों तथा अभिभावकों में रोष पैदा कर दिया है।
फोटो- कलेक्ट्रेट के सामने पुतला जलाकर विरोध करते शिक्षक।