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मुस्लिम परिवार चढ़ाता है महालक्ष्मी पूजा में अहम बिजौरा फल

7 वर्ष पहले
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उदयपुर. आज महालक्ष्मी जन्मोत्सव है और शहर में महालक्ष्मी के प्राचीन मंदिर में विशेष आयोजन होंगे। चार सौ साल पुराने इस मंदिर की विशेष परंपरा ये रही है कि महालक्ष्मी के पूजन में उपयोगी बिजौरा फल मुस्लिम समुदाय के एक कुंजड़ा परिवार द्वारा मुहैया कराया जाता है। यह परंपरा निभाते कुंजड़ा परिवार की तीन पीढिय़ां गुजर गई है।

शहर के भटियानी चोहट्टा स्थित महालक्ष्मी मंदिर में हर साल श्रीमाली समाज की ओर से आयोजन होते हैं। कुंजड़ा परिवार के मन्नू मोहम्मद बताते है कि उनके पिता लाला भाई और दादा मास्टर इब्राहीम भी महालक्ष्मी की पूजा के लिए बिजौरा फल मुहैया कराते रहे हैं। मुखर्जी चौक, कुंजरवाड़ी में रहने वाले इस परिवार का कई पीढ़ियों से फल-सब्जी का व्यवसाय रहा है।

मन्नू मोहम्मद बताते है कि बिजौरा (विशेष प्रजाति का नींबू) फल आमतौर पर आसानी से उपलब्ध नहीं होता। ऐसे में उनके दादा मास्टर इब्राहीम खास तौर पर बिजौरा मंगवाते थे। उदयपुर संभाग में बिजौरा उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में इस परिवार द्वारा मध्यप्रदेश के मंदसौर, रतलाम क्षेत्र से मंगवाकर उपलब्ध करवाया जाता रहा है।

चार सौ साल पुराना है मंदिर का इतिहास

सिटीपैलेस और जगदीश मंदिर की स्थापना के साथ ही महालक्ष्मी मंदिर की भी स्थापना हुई थी। तब से ही यहां सालभर विशेष आयोजन होते हैं। महालक्ष्मी जन्मोत्सव के साथ ही यहां दीपावली पर चार दिन का विशेष उत्सव होता है। चारों दिन यहां मेले सा माहौल रहता है। श्रीमाली जाति संपत्ति व्यवस्था ट्रस्ट के डॉ. विजय श्रीमाली ने बताया कि महालक्ष्मी श्रीमाली समाज की कुलदेवी है, इसलिए मंदिर के महोत्सव में समाज की पूरी भूमिका रहती है। महालक्ष्मी मंदिर ट्रस्ट की ओर से महोत्सव को लेकर युवाओं में उत्साह रहता है।

आधी रात को होगी महाआरती

आश्विनकृष्ण अष्टमी के मौके पर धन की देवी महालक्ष्मी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस मौके पर मंदिर आसपास में सजावट की गई है। सुबह से दर्शनार्थियों की आवाजाही शुरू होगी, जो देर रात तक जारी रहेगी। रात 12 बजे महाआरती होगी। सुबह षोडशोपचार पूजा के साथ महालक्ष्मी का अभिषेक, दोपहर को 11 जोड़ों द्वारा आहूतियों के साथ हवन और शाम को सुंदरकांड पाठ के बाद भजन संध्या का आयोजन होगा।

फोटो- भट्टियानी चोहट्टा स्थित महालक्ष्मी।