पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • जुलूस ए मिलाद ने दिया अमन का पैगाम

जुलूस-ए-मिलाद ने दिया अमन का पैगाम

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कम्युनिटी रिपोर्टर | उदयपुर

शियादाऊदी बोहरा समाज की ओर से रविवार को जुलूस-ए-मिलाद ने अमन और रिश्तों में मिठास का पैगाम दिया। अलग-अलग शहरों से आए बैंड ग्रुप ने खास लिबास के साथ अपने क्षेत्र का परिचय देते हुए अमन आैर मीठे रिश्तों काे दर्शाया। उदयपुर का बुरहानी स्काउट बैंड मेवाड़ी पगड़ी और साफों में दिखा तो नाथद्वारा ग्रुप के मैंबर वैष्णव की पोशाकों में थे। राष्ट्र भक्ति का जज्बा दिखाते तीन बैंड समूहों ने केसरिया, सफेद और हरे रंग की पगड़ियां पहनीं। मुंबई, सूरत, रतलाम, बांसवाड़ा, लूनावाड़ा, डूंगरपुर, नाथद्वारा, कांकरोली, पारसोला सहित विभिन्न शहरों के बैंड शामिल थे।

सैयदना ने दरगाहों में की जियारत

सैयदनासाहब ने सुबह खांजीपीर साहब और बोहरवाड़ी स्थित लुकमान साहब की दरगाह में फूलों की चादर पेश कर जियारत की। दोनों मस्जिदों के बाहर हजारों अकीदतमंदों की मौजूदगी रही। सैयदना साहब ने खारोल कॉलोनी मस्जिद में ही मगरिब और ईशा की नमाज भी अदा की।

जुलूस-ए-मिलाद में रही बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की सहभागिता।

सैयदना डॉ. मोहम्मद बुरहानुद्दीन की सालगिरह की पूर्व संध्या पर इस जुलूस का आगाज शाम पांच बजे सुखाड़िया सर्कल से हुआ। काफिला फतहपुरा, सेवा मंदिर मार्ग, आस्था गली होते हुए खारोल कॉलोनी स्थित मस्जिद के बाहर पहुंचा। 20 से अधिक बुरहानी बैंड समूहों ने शाही धुनों से सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन को सलामी दी। तख्त से सैयदना अकीदत के साथ अपने चाहने वालों पर बरकत बरसा रहे थे। जुलूस से पहले दोपहर 3 बजे से ही अकीदतमंद जुटने लगे। इसके चलते यहां मेले जैसा माहौल रहा।

उदयपुर. रविवार शाम जुलूस-ए-मिलाद में नाथद्वारा से आए बोहरा समाज के युवा वैष्णव वेशभूषा में दिखे, जबकि एक अन्य दल साफों और पगड़ियों में था। फोटो: भास्कर

जुलूस के दौरान ट्रैफिक पुलिस की माकूल व्यवस्था नहीं थी। ट्रैफिक डायवर्ट नहीं करने से एक ही रोड पर दोनों तरफ के वाहन आमने-सामने हो गए। कुछ गाड़ियां टकराई भी। ये हालात देख पुलिस ने एक तरफ का ट्रैफिक अचानक रोक दिया। इससे वहां और शहर में कई जगह जाम की स्थिति हो गई। जाम से बचने के लिए कई लोग फतहपुरा से सेलिब्रेशन की ओर जा रहे रोड पर मुड़ गए, वहीं कुछ लोगों ने आलू फैक्ट्री की ओर से निकलना चाहा, लेकिन वहां शादी समारोह का टेंट लगा होने से गाड़ियां गली में ही अटक गईं। बाद में लोगों ने शादी के टेंट के बीच से गाड़ियां निकालीं।