उदयपुर। शहर में जल्दी ही गोवा पैटर्न पर निर्माणाधीन सरकारी ही नहीं निजी मकानों और कॉम्प्लेक्स और व्यावसायिक भवनों के आगे भी आवेदक के नाम व निर्माण स्वीकृति सहित पूरी जानकारी का बोर्ड लगाना होगा। जिसमें निर्माणाधीन क्षेत्र, फ्लोर और निर्माण प्रारंभ होने की तारीख सहित अन्य डिटेल भी लिखनी होगी। शहर में भवन निर्माण को लेकर अब यूआईटी और नगर निगम कार्य-योजना को मूर्त रूप देंगे।
शहर में होने वाले निर्माण को लेकर अक्सर इस बात को लेकर संशय बना रहता है कि होने वाले निर्माण की स्वीकृति है या नहीं। गली-मोहल्लों में भी निर्माण के कारण भवन सामग्री से होने वाली परेशानी को ध्यान में रखते हुए भी योजना कारगर साबित होगी।
यूआईटी की वेबसाइट पर भी डाली जाएगी सारी अपडेट
'गोवा की तर्ज पर उदयपुर में निजी भवन निर्माण को लेकर ये योजना जल्द लागू की जाएगी। निजी भवन निर्माण स्वीकृति को लेकर पूरा अपडेट यूआईटी की वेबसाइट पर भी डाला जाएगा ताकि कोई भी स्वीकृति के बारे में ऑनलाइन पता कर सके।' आशुतोष पेंडणेकर, कलेक्टर एवं यूआईटी चेयरमैन
नगर निगम मार्च से शहर में लागू करेगा ये योजना
'इसे मार्च से लागू किया जाएगा। भवन निर्माता को पाबंद किया जाएगा कि वे निर्माण को लेकर आवश्यक जानकारी वाला बोर्ड भवन स्थल पर लगाए। संबंधित क्षेत्र का जेईएन इसकी माॅनिटरिंग करेगा।' चंद्रसिंह कोठारी, महापौर, नगर निगम उदयपुर
लिखना होगा बोर्ड पर
> भवन निर्माण कराने वाले आवेदक का नाम, पता, फोन नंबर।
> भवन निर्माण को लेकर स्वीकृति का क्रमांक नंबर।
> निर्माण क्षेत्र का क्षेत्रफल एवं फ्लोर की संख्या।
> निर्माण प्रारंभ होने की अवधि।
यह होगा फायदा
> अनधिकृत भवन निर्माण पर लगेगी रोक।
> आमजन को रहेगी जानकारी किसका हो रहा है निर्माण।
> यूआईटी या नगर निगम द्वारा निर्माण की स्वीकृति मिली है या नहीं।
> स्वीकृति में भवन निर्माण का क्षेत्रफल होगा उजागर।