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पाबंद अवधि में अपराध किया तो होगी लंबी जेल

7 वर्ष पहले
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प्रभावित होमगार्ड्स के परिवार जनों ने बताया कि वेतन नहीं मिलने से घर चलाना मुश्किल हो गया है।आदतनअपराधियों पर लगाम कसने के लिए एसपी के निर्देश पर पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 122 का उपयोग करना शुरू कर दिया है। शनिवार को धानमंडी थाना पुलिस ने पाबंद समय के दौरान दोबारा अपराध करने के आरोप में नयापुरा देहली गेट निवासी नितिन उर्फ गोलू पुत्र देवेन्द्र साहू को गिरफ्तार कर जेसी कराया। इस धारा के तहत कोर्ट इसे बचे हुए पाबंद समय के लिए जेल भी भेज सकती है।

थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह जैन ने बताया कि नितिन उर्फ गोलू के खिलाफ हत्या और जानलेवा हमला करने के दो मामले विचाराधीन हैं। इस संबंध में पुलिस ने इसे करीब चार महीने पहले सीआरपीसी की धारा 110 के तहत एक साल के लिए पाबंद कराया था। पिछले महीने नितिन ने रवि साहू के साथ मिलकर मीनापाड़ा में युवक को मारपीट कर घायल किया था। मामला दर्ज होने पर दोनों की इस मामले में तो जमानत हो गई, लेकिन नितिन ने एक साल के अंदर ही दोबारा अपराध कर धारा 110 के तहत भरे गए बंद पत्र का उल्लंघन किया था। ऐसे में पुलिस ने इसे सीआरपीसी की धारा 122 के तहत गिरफ्तार किया है। न्यायालय में पेश कर इसे जेल भेज दिया गया। अब न्यायालय सुनवाई के दौरान आरोपी को बंद पत्र का उल्लंघन पाने पर धारा 122 के तहत बचे हुए पाबंद समय आठ महीने के लिए जेल भी भेज सकती है।

आदतन अपराधी को कोर्ट द्वारा पाबंद कराए जाने के बाद वह दोबारा अपराध करता है तो पुलिस इस धारा के तहत आरोपी को बंध पत्र के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार कर सकती है। न्यायालय बंद पत्र के उल्लंघन की पुष्टि होने पर बचे हुए पाबंद समय के लिए आरोपी को जेल भेजने के आदेश दे सकती है। जैसे कोई अपराधी एक साल के लिए पाबंद किया गया हो अौर उसने चार महीने बाद दोबारा अपराध किया तो न्यायालय बचे हुए आठ महीनों के लिए आरोपी को जेल भेज सकती है।