वळावण के साथ थमी गवरी की दींग-बिदींग
उदयपुर. आदिवासीअंचल की परंपरानुसार चल रहे गवरी नृत्य का समापन गुरुवार को वळावण (विसर्जन) के साथ हुआ। शहरी क्षेत्र के पुलां, गोवर्धन विलास सहित आसपास की बस्तियों में बळावण की रस्म निभाई गई। देवाली (गोवर्धन विलास) में सुबह से गवरी नृत्य के बाद गौरजा माता की सवारी गोवर्धन सागर पहुंची, जहां प्रतिमाओं और जवारों का विसर्जन हुआ। इसी तरह से पुलां में गवरी और पेरावणी के बाद आयड़ नदी में वळावण किया गया। इससे पहले थाली-मांदल पर दींग-बिदींग की धुन पर कलाकारों ने जमकर गवरी रमी। बहन-बेटियों ने उन्हें मालाएं पहनाकर शुभकामनाओं के साथ कपड़े-नेग दिए। भास्कर