एसीईओ ने लिए सरपंच सचिवों के बयान
बीडीओपर भ्रष्टाचार व्यवहार खराब होने का आरोप लगाते हुए लामबंद हुए सरपंच सचिवों का धरना दूसरे दिन गुरुवार को भी जारी रहा। इधर, उदयपुर से पहुंचे अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैलाश लखारा ने सरपंच सचिवों के बयान लिए। इससे पहले प्रधान और संस्थापना समिति सदस्यों के निर्णय से बीडीओ को देर रात ऑनलाइन प्रक्रिया से रिलीव कर दिया गया था। प्रधान की ओर से बीडीओ के खिलाफ मांडवा थाने में मामला दर्ज कराया गया है। कोटड़ा पंचायत समिति में आने वाली सभी 31 पंचायतों के सरपंच सचिव गुरुवार सुबह फिर पंचायत समिति कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे। इधर, सचिवों के समर्थन में उदयपुर सचिव संघ के जिलामंत्री गिरीश नागदा, सदस्य हेमंत पालीवाल आदि कोटड़ा पहुंचे और धरने पर बैठे। बयान से पहले एसीईओ लखारा ने सरपंच सचिव के प्रतिनिधि मंडल से बात कर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए धरना समाप्त करने को कहा। लेकिन सचिव सरपंचों ने लखारा को ज्ञापन देकर धरना जारी रखने शुक्रवार को पंचायत समिति कार्यालय तालाबंदी की चेतावनी दी है। गौरतलब है कि कोटड़ा बीडीओ के खिलाफ, अवैध वसूली, मानसिक प्रताड़ना सहित दुर्व्यवहार को लेकर सरंपच सचिव लामबंद हुए है।
प्रधान ने आदेश सीईओ को भिजवाए
कोटड़ा . एसीईओ के साथ आए टीम सदस्य के सामने लिखित बयान देते धरने पर बैठे सरपंच सचिव। भास्कर
^प्रशासन एवं स्थापना समिति के बैठक में सदस्यों की सहमति से विकास अधिकारी को कार्यमुक्त के आदेश जारी किए गए है। बीडीओ बबली राम जाट ने अभद्र व्यवहार अपशब्द के प्रयोग से प्रधान के पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। इसके चलते उनके खिलाफ मांडवा थाने में मेरी और से मामला दर्ज करवाया गया है। गवरीदेवीगरासिया, प्रधान,कोटड़ा
प्रशासन एवं स्थापना समिति के सदस्यों की सहमति एवं समिति के अध्यक्ष होने के नाते प्रस्ताव लेते हुए विकास अधिकारी बबली राम जाट को बुधवार देर शाम कार्यमुक्त कर दिया था, लेकिन जाट ने नियमों का हवाला देते हुए बैठक डिस्पैच रजिस्टर देने से मना कर दिया था। ऐसे में बुधवार रात को ही उक्त आदेश मेल से जिला परिषद भिजवा दिया गया। इधर, गुरूवार सुबह विकास अधिकारी जाट उदयपुर रवाना हो गए थे। विरोध प्रदर्शन के चलते दो दिनों से पंचायत समिति का काम ठप पड़ा है।