उदयपुर. मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘भामाशाह योजना’ को लेकर लगाए जा रहे शिविर में रजिस्ट्रेशन में ही गलतियां हो रही है। अफसरों, कर्मचारियों की ये लापरवाही आगे जाकर जनता के लिए परेशानी खड़ी करेगी। खाद्य सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का वेरिफिकेशन के साथ ही त्रुटिपूर्ण राशन कार्ड में सुधार के काम भी होने हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में ये काम नहीं हो पा रहे हैं। शिविरों में उमड़ रही भीड़ का तय समय में पंजीयन कर काम करने में बड़ी खामियां सामने रही हैं। जिले में चल रहे शिविरों में आमजन के लिए परेशानियां रही है।
लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और पंजीयन में खामियां भी रह रही है। ऐसे में शिविर महज भामाशाह, आधार पंजीयन और बैंक खाता खोलने तक ही सीमित हो गए हैं। पिछले साल खाद्य सुरक्षा में आनन-फानन में जोड़े गए अपात्र लोगों के नाम भी नहीं हट पा रहे हैं। ग्राम सेवकों ने ये काम करने से पहले ही इनकार कर दिया था।
भामाशाह पंजीयन का महत्व
योजनामें परिवार और व्यक्ति का पहचान कार्ड बनाने के लिए पंजीयन हो रहा है। इसे बैंक खाते से जोड़ा जाएगा। सरकार से मिलने वाली सब्सिडी, पेंशन, छात्रवृत्ति आदि तरह के लाभ सीधे खाते में जमा होंगे। सरकार के पास हर परिवार का डेटा बेस तैयार होगा।
फोटोकॉपी का ज्यादा शुल्क
चीरवामें चल रहे शिविर में फोटोकॉपी की कीमत निर्धारित दर से अधिक वसूलने का मामला भी आया। नियमानुसार 2 रुपए प्रति कॉपी शुल्क लेना है, लेकिन एक पेज में 2-3 दस्तावेजों की कॉपी करके प्रति दस्तावेज 2 रुपए वसूले जा रहे हैं।
खाद्य विभाग ने दिए निर्देश
राजस्थान ग्राम सेवक संघ के प्रदेश मंत्री सोहन लाल डारा का कहना है कि ग्राम सेवकों पर काम का भार है। खाद्य सुरक्षा की सूचियां आनन-फानन में तैयार करवाई गई थी। अब हमें ही सुधार करने को कहा गया है। इधर, अतिरिक्त खाद्य आयुक्त जस्सा राम चौधरी ने ये काम प्रमुखता से करवाने को लेकर सभी रसद अधिकारियों के नाम आदेश जारी किया है।
कर्मचारियों को फटकार
शहरके करीब चीरवा में भामाशाह शिविर चल रहा है। गुरुवार को आयोजना विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर भंवर लाल बैरवा निरीक्षण करने पहुंचे। यहां पंजीयन में नाम, उम्र, बैंक अकाउंट नंबर आदि गलतियां रहने की शिकायतें मिली। गीता मेनारिया ने गलतियों वाले पंजीयन पत्र दिखाए।