बारिशथमने के बाद मच्छर पनपने से मलेरिया रोग की आशंका बढ़ गई है। जिला प्रशासन भले ही गंभीर है, लेकिन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सख्त नहीं दिखाई दे रहा है। विभाग ने मलेरिया से बचाव के लिए अभी तक फोगिंग प्लान तैयार नहीं किया है। इधर, नगर निगम प्लान मिलने के बाद ही फोगिंग शुरू करेगा।
चिकित्सा विभाग के अनुसार फोगिंग प्लान 4-5 दिन में तैयार करके निगम को सौंपा जाएगा। जानकारी के अनुसार फोगिंग बारिश से पहले और बाद में कराई जाती है। इससे पहले जून में फोगिंग हुई थी। गौरतलब है कि बुधवार को कलेक्टर मलेरिया को लेकर महकमे की तैयारियां और व्यवस्थाएं देखने सीएमएचओ ऑफिस पहुंचे थे। उस दौरान मौसमी बीमारियों तथा मलेरिया के केस बढ़ने पर रोकथाम का बंदोबस्त करने के निर्देश दिए थे।
कंट्रोलरूम स्थापित, डे-टू-डे रिपोर्टिंग के निर्देश
डिप्टीसीएमएचओ डॉ. राघवेन्द्र राय ने बताया कि मलेरिया कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसमें जिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षक हरिसिंह भागेला को जिम्मेदारी सौंपी है। सभी 12 ब्लॉक सीएमओ को मलेरिया की डे-टू-डे दोपहर 2 बजे तक रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं। इसमें मलेरिया रिपोर्ट के अलावा लार्वा रोधी गतिविधियों की जानकारी भी देंगे। सीएचसी-पीएचसी से मलेरिया इंस्पेक्टर सीधे कंट्रोल रूम में रिपोर्ट करेंगे। साथ ही मच्छर मारने के लिए टेमिफोस, गम्बूशिया मछली एवं जला हुआ तेल उपलब्ध कराया जा रहा है। ब्लॉक सीएमओ को पानी के भी सैम्पल लेने के निर्देश दिए हैं।
संवदेनशीलक्षेत्रों पर करना होगा फोकस
जानकारीके अनुसार मलेरिया को लेकर जिले में कोटड़ा और गिर्वा संवेदनशील क्षेत्र है। जिसे लेकर विभाग को इस बार मुख्य फोकस रखना होगा। डॉ. राय का कहना है कि इन दो तहसील में विशेष अभियान चलाया जाएगा।