उदयपुर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने खान एवं भू विज्ञान विभाग के एलडीसी फारूक अली पुत्र नफीस खान के खिलाफ एक दिन में आय से ज्यादा सम्पत्ति का मामला दर्ज किया है। फारूक की कार से इसी साल 23 मार्च को एक लाख 14 हजार रुपए मिले थे। आरोपी ने बताया था कि ये रुपए उसके वेतन की बचत के हैं, लेकिन जांच में एसीबी ने पाया है कि कनिष्ठ लिपिक से जब्त रकम पांच साल की नौकरी में हुई बचत से दो गुना ज्यादा थी।
यहथा मामला : 23मार्च को धोली बावड़ी निवासी मोहम्मद अशफाक पुत्र फैज मोहम्मद के घर कंस्ट्रक्शन चल रहा था। इसके लिए वह बजरी का ट्रक खाली करवा रहा था। तभी एलडीसी फारूक अली अपनी कार में पहुंचा। उसने परिचय देते हुए ट्रक के कागज रॉयल्टी दिखाने को कहा। अशफाक ने कागज दिखाए, जो फारूक फाड़ दिए और डेढ़ लाख रुपए मांगे। नहीं देने पर केस दर्ज कराने की धमकी दी। अशफाक के शोर मचाने पर फारूक ने भागने की कोशिश की और इस दौरान उसकी कार वहीं रहने वाले शराफत अली के मकान में जा घुसी।
पुलिस ने फारूक पर
जांच अधिकारी डीएसपी राजीव जोशी ने बताया कि फारूक फील्ड में जाकर वाहन चेकिंग करने के लिए अधिकृत नहीं था। वह खनिज अभियंता कार्यालय में एलडीसी था। ऐसे में उसका जिम्मा गिर्वा/बड़गांव से संबंधित प्रधान खनिज के आवेदन पत्रों और स्वीकृत खनन पट्टों के रिकॉर्ड को मेंटेन रखना और सहायक के रूप कार्यालय कार्य करना था।
एसीबी के एएसपी ब्रजेश
सोनी ने बताया कि कार से मिली रकम को लेकर फारूक ने स्पष्टीकरण दिया था कि यह राशि उसकी बचत की है, जो वह सामान खरीदने के लिए लाया था। जांच में एसीबी अधिकारी ने नौकरी लगने की तारीख 11 जनवरी 2008 से 25 मार्च 2014 तक सेलरी अकाउंट की डिटेल ली। इसमें सामने आया कि घटना से 3 जनवरी 2014 तक उसके खाते में 22 हजार 757 और 1 मार्च तक वेतन आने पर 51 हजार 959 रुपए थे। उसने जनवरी से बैंक से काेई राशि नहीं निकाली थी।
ऐसे में 1 लाख 14 हजार रुपए उसकी वेतन बचत राशि नहीं थी। यह उसकी पांच साल की नौकरी में हुई बचत राशि से दो गुना से भी ज्यादा थी। राशि काे लेकर वह बार-बार स्पष्टीकरण में दिए जाने वाले बयान भी बदल रहा था। जांच अधिकारी ने माना कि कार से बरामद 1.14 लाख रुपए भी उसने किसी और से अवैध रूप से ली होगी।