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उदयपुर-बांसवाड़ा स्टेट हाईवे पर पुलियाओं की कम चौड़ाई से हो रहे हादसे
जांच के आदेश दिए हैं : पीडब्ल्यूडी मंत्री
सार्वजनिकनिर्माण विभाग के मंत्री यूनुस खान ने बताया कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत सलूंबर में जन सुनवाई के दौरान उदयपुर-बांसवाड़ा हाईवे की पुलियाओं की चौड़ाई सड़क से कम करने की शिकायतें उन्हें प्राप्त हुई थी। खान ने बताया कि यह शिकायत सुन कर उन्हें भी बड़ा अजीब लगा था। फिलहाल जांच के आदेश दिए गए हैं कि इस गलती में किसकी लापरवाही रही। सभी पुलियाओं को सड़क के बराबर चौड़ा करने का प्लान बनवाया जा रहा है।
72 किमी की देखरेख उदयपुर सर्कल, 93 की बांसवाड़ा के पास
सानिविके उदयपुर स्थित अतिरिक्त मुख्य अभियंता कार्यालय के अनुसार स्टेट हाईवे 32 निर्माण का ठेका साढ़े 8 वर्ष के रखरखाव के लिए बीओटी सिस्टम के आधार पर मुंबई की जीएचवी कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है। इस सड़क का उदयपुर से जयसमंद होकर सलूंबर तक 72 किमी रोड निर्माण सानिवि के उदयपुर सर्कल की देखरेख में कराया जा रहा है। सलूंबर से बांसवाड़ा 93 किमी कार्य बांसवाड़ा सर्कल के देखरेख में चल रहा है।
हादसों से सामने आई इंजीनियरों की अदूरदर्शिता
बांसवाड़ा-उदयपुर रोड का निर्माण 30 वर्ष पूर्व हुआ था। तत्कालीन योजना के अनुसार 165 किमी लंबी यह सड़क साढ़े 5 मीटर चौड़ी बनाई गई थी। इस रोड पर स्थित सभी 118 पुलियाओं की चौड़ाई भी सड़क के बराबर थी। मध्यप्रदेश से राजस्थान के बीच यातायात बढ़ जाने से 3 वर्ष पूर्व राज्य सरकार ने इसे स्टेट हाईवे घोषित कर डेढ़ मीटर चौड़ाई बढ़ाने का निर्णय लिया था। सानिवि के अभियंताओं ने बगैर सोचे समझे रोड की चौड़ाई साढ़े 5 मीटर से 7 मीटर विस्तार करने का प्लान बना कर कांट्रेक्ट मुंबई की कंपनी को दे दिया। इस कांट्रेक्ट में पुलियाएं चौड़ी करने का काम शामिल नहीं था। कांट्रेक्टर ने रोड की चौड़ाई बढ़ा कर वाहन चालकों से टोल टैक्स वसूलना शुरू कर दिया। पुलियाओं की चौड़ाई कम होने की विसंगति का तब पता चला जब वाहन रोड के बीच स्थित 30 वर्ष पुरानी पुलियाओं की दीवारों से टकराने लगे या दीवार रहित पुलियाओं के खड्डों में गिरने लगे।
भास्कर न्यूज| उदयपुर
बांसवाड़ा-उदयपुरस्टेट हाईवे 32 के निर्माण की देखरेख कर रहे पीडब्ल्यूडी के एसई का मानना है कि इस रोड पर स्थित कई पुलियाएं विसंगति पूर्ण बन गई जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं। अधिकारी ने अपने विभाग की गलती तो सहज रूप से स्वीकार