उदयपुर. डॉक्टर, इंजीनियर या फिर कोई बड़ी उच्च शिक्षा प्राप्त कर लेना ही काफी नहीं है। नैतिक मूल्यों की समझ भी बहुत जरूरी है। नैतिक मूल्यों के बिना जीवन में सफलता अधूरी है। इसलिए देश के सभी विश्वविद्यालयों में वैल्यू एजुकेशन का एक पेपर अनिवार्य होना चाहिए। जिसमें स्टूडेंट्स को उनके नैतिक मूल्यों तथा कर्तव्यों के बारे में बताया जा सके। ये सुझाव महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर की कुलपति और भारतीय उच्च शोध संस्थान की अध्यक्ष प्रो. चन्द्रकला पाडिया ने दिए। वे पेसिफिक विवि में सोमवार को आयोजित कुलपति कॉन्फ्रेंस में संबोधित कर रही थीं। \\"इंटीग्रेटेड एथिक्स एंड वेल्यूज इन हायर एजुकेशन\\' विषय पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में प्रो. पाडिया ने हायर एजुकेशन में क्रेडिट कोर्स शामिल होने की जरूरत बताई। कॉन्फ्रेंस में दो सत्र हुए, जिसमें राज्यभर से 30 विवि के कुलपतियों ने विषय पर सुझाव दिए।
इन्होंने भी दिए सुझाव
राजस्थान विद्यापीठ विवि के कुलपति प्रो. एस. सारंगदेवता, कॅरियर प्वाइंट विवि के कुलपति प्रो. मिथलेश दीक्षित, आरटी-यू विवि के प्रो.हाकमदान चारण, राजस्थान जनजाति विवि कुलपति टीसी डामोर, मोहनलाल सुखाडिय़ा विवि कुलपति प्रो.आई वी त्रिवेदी, एम.डी.एस. विश्वविद्यालय अजमेर के प्रो. सुब्रतो दत्ता, विवेकानन्द ग्लोबल विश्वविद्यालय जयपुर के प्रो. वाई. के. विजय ने भी विचार व्यक्त किए।
कोटा खुला विवि के कुलपति प्रो. मधुसूदन शर्मा ने कहा कि विवि छात्रसंघ में नैतिक संसद पर कार्यक्रम अनिवार्य होने चाहिए, जिससे युवाओं को सकारात्मकता से जोड़ा जा सके। आईएएसई मान्य विवि सरदारशहर के कुलपति प्रो. आरएन शर्मा ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव को रोकना होगा। के.एन. मोदी विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. देवेन्द्र पाठक ने कहा कि सर्वप्रथम शिक्षकों का स्वयं का आचरण नैतिकता के धरातल पर अनुकरणीय करना चाहिए। पेसिफिक मेडिकल विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. बी.पी. शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में पोर्टल वेबसाइट शुरू की है जिस पर देश में इस विषय पर किए जा रहे कार्य एवं प्रयोगों को शामिल किया है। अन्य विवि में भी इस तरह के प्रयोग होने चाहिए।