एक सप्ताह से कनेक्शन नहीं
यह फ्लाइट आती है उदयपुर
हो सकती है बड़ी परेशानी
इसलिए जरूरी है अपडेशन
मौसम विभाग का इंटरनेट कनेक्शन काटा, अपडेट नहीं हो रहा एयर रूट
कंप्यूटराइज्ड सिस्टम है, क्या करें
इसी रिपोर्ट को मानते हैं
पूर्वमेंआए इंटरनेट बिल के करीब 500 रुपए की पैनाल्टी राशि जमा नहीं करवाई तो बीएसएनएल ने एक सप्ताह से मौसम विभाग का इंटरनेट कनेक्शन डिस्कनेक्ट कर दिया है। इस कारण अब मौसम विभाग एयरलाइंस कंपनियों और एयरपोर्ट के एटीसी विभाग को हर आधे घंटे में एयर रूट का अपडेट नहीं करवा पा रहा है। अपडेशन में इस देरी के कारण फ्लाइट की लैंडिंग टेकआफ के समय में फेरबदल की संभावनाएं भी बढ़ी है। प्रक्रिया के अनुसार मौसम विभाग विंड स्पीड, डायरेक्शन, विजिबिलिटी आदि की जानकारियां मेल कर उपलब्ध करवाता है। इंटरनेट कनेक्शन नहीं होने से अब यह काम वाट्स अप या मैसेज से हो रहा है। इसमें निर्धारित जानकारी चाहे गए समय पर नहीं मिल रही है। इस अपडेट के बाद ही कंपनियां लेंडिंग आदि की स्वीकृति देती है। इधर, एयरपोर्ट एटीसी भी परिधि में आने वाली फ्लाइट के पायलट को विजिबिलिटी इसी आधार पर बताता है। विभाग के असिस्टेंट मेट्रोलॉजिस्ट मांगीलाल ने बताया कि बिल को दिल्ली मुख्यालय भेजा जाता है। वहीं से राशि बीएसएनएल के खाते में जमा होती है। अंतिम तिथि निकल जाने के बाद राशि जमा होने से यह परेशानी आई है।
एयर इंडिया : 2 फ्लाइट्स
जेट एयरवेज : 4 फ्लाइट्स
स्पाइस : 1 फ्लाइट
}सही अपडेशन नहीं मिलने से लेडिंग टेकऑफ के दौरान अनुकूल स्थितियां नहीं मिल सकती है।
}लगेज भार का सही केलकुलेशन नहीं होने से यात्रा के दौरान परेशानी भी संभावित है।
}वीआईपी मूमेंट या चार्टर लेंडिंग हो जाए तो परफेक्ट अपडेशन नहीं मिल सकेगा।
} मौसम विभाग से मिले अपडेट के आधार पर टेकऑफ लेडिंग का टाइमिंग शेड्यूल बनता है।
} अपडेशन के आधार पर ही फ्लाइट में भार का निर्धारण होता है।
} विंड डायरेक्शन, स्पीड, क्लाउड, टेम्प्रेचर आदि के आधार पर ही लगेज का भार तय होता है। अधिक होने पर लगेज को कम करवाया जाता है।
} लॉ क्लाउड पर बनने वाली रिपोर्ट के आधार पर फ्लाइट कैंसिल भी हो सकती है।
यह होता है अपडेशन प्रोसेस
कनेक्टिविटी क्षेत्र में इंस्ट्रूमेंट लगे हैं, जो केबल के द्वारा विभाग से जुड़े होते हैं। इंस्ट्रूमेंट से मिली जानकारी को मॉनिटर पर देखकर