उदयपुर. शहर के चौराहों और प्रमुख मार्गों पर 129 ट्रैफिक पुलिस के जवान धूल, धुंआ, धूप में दिन रात ड्यूटी दे रहे। हकीकत यह है कि इनका हेल्थ चेकअप दो साल से नहीं हुआ है। नियमानुसार हर साल मेडिकल चेकअप अनिवार्य है। इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि इन्हें बचाव के लिए मास्क तक आवंटित नहीं किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों का भी मानना है कि ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को यातायात नियंत्रण के दौरान प्रदूषण से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किए गए हैं।
इनका मेडिकल चेकअप कराया गया है। दो साल पहले एसपी हरिप्रसाद शर्मा के कार्यकाल में पुलिस जवानों का हेल्थ चेकअप हुआ था। विभागीय सूचना के अनुसार प्रदूषण से बचाव के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास 40 मास्क हैं। ये जवानों को आवंटित ही नहीं किए गए हैं। प्रतापनगर, ठोकर, सूरजपोल, उदियापोल और देहलीगेट चौराहों पर तैनात पुलिस कर्मियों ने बताया कि उन्हें कभी मास्क नहीं दिए गए।
ट्रैफिक पुलिस जवानों का हेल्थ चेकअप अक्टूबर प्रथम सप्ताह में कराया जाएगा। किस दिन चेकअप कराना है इसके लिए विभाग के अन्य अधिकारियों अौर अस्पताल प्रशासन से बात करेंगे। अजय पाल लांबा, एसपी,उदयपुर
एक नजर में ट्रैफिक पुलिस
>107 कांस्टेबल
> 22 हेड कांस्टेबल
> 3 एएसआई
> 2 सब इंस्पेक्टर
> 1 इंस्पेक्टर
> 1 डिप्टी
चौराहों की ड्यूटी के दौरान छांव के लिए शेड तक नहीं है। धूप, बारिश से बचाव के लिए पेड़ों की छांव तलाशते हैं। पिछले महीनों में एक होमगार्ड का जवान की पेड़े गिरने से मौत हो गई थी, उसके बाद पेड़ की छांव से भी बचते है।
यह बीमारियां हो रही हैं
स्किनएलर्जी
धूप और धुंआ से स्किन एलर्जी संभव है। त्वचा पर दाने और बाल सफेद होना आम बात हो गई है।
खांसी
लगातार धुंआ और धूल की चपेट में रहने से खांसी हो जाती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से मौसमी बीमारियाें की चपेट में जल्दी आते हैं।