प्रदर्शनी में बताए ओजोन के दुष्प्रभाव
अंतरराष्ट्रीयओजाेन दिवस पर मंगलवार को शहर में कई कार्यक्रम हुए। प्रदर्शनी लगाकर ओजोन के दुष्प्रभाव, उसके कारणों एवं बचाव आदि की जानकारी दी गई तो रैली निकालकर औद्योगिक इकाइयों अवधि पार वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने संबंधित जानकारियां दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत में गुरुगाेविदं सिंह रेजीडेंसी स्कूल के करीब 250 बच्चों ने रैली निकाली। रैली को मुख्य वन संरक्षक केके गर्ग ने रवाना किया। मोहता पार्क से रैली रवाना होकर सहेलियों की बाड़ी, सुखाड़िया सर्कल एवं मधुवन होते हुए सूचना केन्द्र पर संपन्न हुई। उसके बाद सूचना केन्द्र की कला दीर्घा में पर्यावरण एवं ओजोन के प्रभाव से संबंधित प्रदर्शनी लगाई गई। इस अवसर पर सूचना केन्द्र के सभागार में हुई गोष्ठी में मुख्य वन संरक्षक केके गर्ग, राहुल भटनागर, लायकअली खान आदि उपस्थित थे। जिला पर्यावरण समिति के सदस्य सचिव एवं उप वन संरक्षक ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ की पहल पर 1987 में कनाडा के माॅन्टिंयल में ओजोन परत से हो रहे दुष्प्रभावों से निपटनें के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसे माॅन्टिंयल प्रोटोकाॅल कहते है। इसी क्रम में 16 सितंबर को विश्व भर में हर साल अंतरराष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस के रूप में मनाया जाता है। राहुल भटनागर ने इसे उपायों पर चर्चा की। गर्ग ने स्टूडेंट्स से हाइड्रो क्लोरो फ्लोरो कार्बन गैसेज के उत्सर्जन के लिए मानव जिम्मेदार है। इन हानिकारक गैस के उत्सर्जन को कम करने के लिए पेड लगाने जैसे प्रयास करने होंगे।
देबारी स्थित पॉयनियर पब्लिक स्कूल में विश्व ओजोन दिवस मनाया गया। प्रधानाचार्य ज्योत्सना जैन ने बताया कि इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पौध रोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
युआईटी पुलिया से निकलती हुई विश्व ओजोन दिवस पर रैली