- Hindi News
- बच्चों की खातिर मनमुटाव भूल फिर एक हुए पति पत्नी
बच्चों की खातिर मनमुटाव भूल फिर एक हुए पति-पत्नी
उदयपुर | लोकअदालत के पहले दिन सोमवार को कोई विशेष मामले सामने नहीं आए। पारिवारिक अदालत में लंबे समय से चल रहे आपसी झगड़े में फैसला मिला, तो कई में समझाइश कर दंपती को फिर साथ कर दिया। सोमवार को शुरू हुए लोक अदालत के विशेष सप्ताह में पक्षकारों के बीच समझाइश करा विवाद सुलझाने के का प्रयास हुआ। अधिवक्ताओं के अनुसार श्राद्ध पक्ष के कारण पक्षकार नहीं आए। इसके अलावा वकीलों की हड़ताल समाप्त होने के कारण लोक अदालत के प्रति लोगों का रुझान नहीं बन पाया। 72 दिन की हड़ताल के बाद पिछले सप्ताह काम पर लौटे वकील भी अपने पक्षकारों को लोक अदालत की जानकारी नहीं दे पाए।
सीमा का घर बसाया
पारिवारिकन्यायालय के जज रविन्द्र जोशी ने परसाद निवासी रामा मीणा उसकी प|ी सीमा के बीच आठ माह पूर्व हुए मनमुटाव को खत्म करा दिया। रामा और सीमा को उनके दो बच्चों के पालन पोषण का वास्ता देकर, जमाने के ऊंच नीच समझा कर संबंध तोड़ने के बजाए जोड़ने पर रजामंद किया गया। अदालत से दोनों दोपहर में एक होकर गए।
येनहीं माना दंपती
मावलीतहसील के ढूंढिय़ा निवासी दंपती अदालत तथा सलाहकारों की समझाइश के बावजूद एक होने काे तैयार नहीं हुए। इस पर महिला को एकमुश्त 35 हजार रुपए मुआवजा दिलाकर संबंध विच्छेद के आदेश जारी किए गए।