पाप से घृणा करें, पापी से नहीं
उदयपुर. तेलीवाड़ास्थित बीसा हुमड़ भवन में शनिवार को धर्मसभा में आचार्य शांतिसागर महाराज ने कहा कि पाप से घृणा करो, पापी से नहीं। उन्होंने कहा कि मनुष्य यदि अज्ञानता के कारण पाप करता है तो देव, शास्त्र गुरु के सानिध्य में पुण्य कार्य करके पाप को समाप्त कर सकता है। चातुर्मास व्यवस्था समिति के शांतिलाल नागदा ने बताया कि आचार्य शांतिसागर महाराज के सोमवार को दोपहर 3 बजे केंद्रीय कारागृह (सेंट्रल जेल) में मीठे प्रवचन होंगे।