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खुद को मालिक बता 35 बीघा जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले गिरफ्तार

7 वर्ष पहले
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उदयपुर. झामर कोटड़ा के पारोला स्थित 35 बीघा जमीन का फर्जी मालिक बनकर बेचान करने के आरोपी और उसके साथी को हाथीपोल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामला तब सामने अाया जब आरोपी इस जमीन काे दूसरी बार बेचने की तैयारी कर रहे थे।

एसएचओ रामसुमेर ने बताया कि राबचा, नाथद्वारा निवासी हीरा पुत्र बहरा भील और डूंगर पुत्र लाखा जी रेबारी को गिरफ्तार किया गया है। नामजद मुख्य आरोपी पुरोहितों की मादड़ी निवासी सौरभ पुत्र जगदीश प्रसाद जीनगर और कैलाशपुरी निवासी भगवती पुत्र रतनलाल गमेती अभी भी फरार हैं। पुलिस इस मामले में फर्जी रजिस्ट्री के दौरान गवाह बने बड़गांव निवासी शेर सिंह पुत्र राम सिंह को पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है।

डीएलसी रेट पर कर दिया था फर्जी बेचान

पुलिस ने बताया कि हिरणमगरी थाना क्षेत्र के झामरकोटड़ा के पास पारोला में देवा पुत्र शंकर मीणा की 35 बीघा जमीन है। आरोपियों ने मिलीभगत कर इस जमीन को हड़पने के लिए नाथद्वारा के हीरा भील को फर्जी भूमि मालिक देवा बनाया। दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की और रजिस्ट्री कार्यालय में हीरा काे देवा बनाकर पेश कर दिया। हीरा ने देवा बनकर डीएलसी रेट 16 लाख 81 हजार रुपए में 35 बीघा जमीन की रजिस्ट्री कैलाशपुरी निवासी भगवती गमेती के नाम कर दी।
जबकि इस भूखंड की बाजार कीमत एक करोड़ रुपए से ज्यादा है। एक बार रजिस्ट्री होने के बाद आरोपियों ने जमीन अन्य को बेचना चाहा। मामला सामने आने पर असली मालिक देवा ने जब रजिस्ट्री ऑफिस में पड़ताल की तो धोखाधड़ी सामने आई। इस पर देवा ने सभी आरोपियों के खिलाफ 28 जनवरी को एफआईआर दर्ज कराई थी।