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जर्मनी बनाएगा एक शहर को स्मार्ट, प्रस्ताव में उदयपुर भी

6 वर्ष पहले
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187 शहरों में ऑनलाइन सेवाओं के लिए स्मार्ट राज

अमरीकाके बाद जर्मनी राजस्थान के एक शहर को स्मार्ट सिटी बनाएगा। जर्मनी सरकार ने केंद्र को छह-सात दिन पहले प्रस्ताव भेजा।

केंद्र ने राजस्थान सरकार को एक शहर का नाम फाइनल करने को कहा है। नगरीय विकास विभाग के एसीएस अशोक जैन ने सोमवार को जर्मनी सरकार की शर्तों के अनुसार तीन शहर फाइनल करके फाइल मंत्री राजपालसिंह शेखावत के पास भेजी। विभाग ने जोधपुर, कोटा और उदयपुर को स्मार्ट सिटी के लिए उपयुक्त माना है। एक शहर का चुनाव मंत्री और मुख्यमंत्री के स्तर पर होगा।

येरखी जर्मनी सरकार ने शर्तें

जर्मनीने प्रस्ताव में लिखा है कि स्मार्ट सिटी के लिए शहर की आबादी 5 लाख से ज्यादा होनी चाहिए। ट्रांसपोर्ट सिस्टम स्तरीय और हवाई कनेक्टिविटी हो। राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े शहर में आधारभूत सुविधाएं स्तरीय होनी चाहिए। ग्रीन-क्लीन बनाने के लिए उपयुक्त हो।

जयपुररह गया पीछे

अमरीकाके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वार्ता में अजमेर का नाम फाइनल हुआ। अजमेर के लिए प्लान भी बनना शुरू हो गया है। केंद्र ने प्रारंभिक राशि जारी कर दी। जर्मनी के प्रस्ताव पर जयपुर को छोड़कर तीन अन्य शहरों को चयनित किया है। 6 साल पहले जयपुर को सबसे पहले वर्ल्ड क्लास बनाने की भूमिका बनी थी।

जयपुर। नगरनिगमों, नगर सुधार न्यासों, नगर पालिकाओं के 187 शहरों में यूटीलिटी सुविधाओं को ऑनलाइन करने के लिए सोमवार को स्थानीय निकाय निदेशालय ने कंपनियों से प्रस्ताव मांगे। प्री-बिड मीटिंग के बाद कंपनियों का चयन होगा। स्मार्ट राज नाम से ऑनलाइन सुविधाओं से जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, डेयरी, उपयोगी सामान की दुकानों के लाइसेंस, लाइट, सीवर, सड़क कार्यों को जोड़ा जाएगा। सबसे पहले सातों नगर निगमों में यह सुविधा विकसित की जाएगी। चयनित कंपनी दो साल तक सेवाओं की मॉनिटरिंग करेगी। उसके बाद निकाय ऑनलाइन सेवाओं का संचालन करेंगे। डीएलबी के डायरेक्टर पुरुषोत्तम बियानी ने बताया कि 162 करोड़ रुपए की लागत से 187 शहरों में सुविधाओं को ऑनलाइन किया जाना है। पूरे प्रदेश के लिए एक कंपनी का चयन किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं।