उदयपुर. गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र के सुरों की फला मगरी स्थित बिला नाम सरकारी भूमि के विवाद में आदिवासी युवक की हत्या उसके भाई को गंभीर रूप से घायल करने के दोषी दो भाइयों को अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी माना।
दोनों को मामले में 10-10 वर्ष की कैद की सजा सुनाई गई, जबकि उनके पिता को बरी कर दिया। एडीजे-1 हरिओम शर्मा अत्री की अदालत ने धारा 302 के अंतर्गत दर्ज हत्या के केस को गैर इरादतन मानते हुए धारा 304 में तब्दील कर दिया। आरोपी अंबावा पप्पू उर्फ रमेश आदिवासी को 10-10 वर्ष कैद की सजा सुनाई। इनके खिलाफ 12 सितंबर 2011 को धर्मा की हत्या करने और उसके भाई पेमा को गंभीर रूप से घायल करने का आरोप है।