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स्वाइन फ्लू: लापरवाही
बैठकमेंचिकित्सा शिक्षा के प्रमुख शासन सचिव जेसी मोहंती ने एसएमएस अस्पताल के सहायक प्रोफेसर डॉ. लक्ष्मीकांत को बर्खास्त किया, जबकि एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राघवेन्द्र चौधरी को एपीओ कर बीकानेर मुख्यालय भेजा गया है। यूनिट एंचार्ज डॉ. पी. एस. पीपलीवाड को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
एमबीमें एक...
इधर,संभागसे स्वाइन फ्लू के 12 और पॉजिटिव केस चिह्नित किए गए हैं। इनमें उदयपुर के 3, बांसवाड़ा, चित्तौडगढ, डूंगरपुर के 1-1 और राजसमंद के 6 मरीज शामिल हैं। उदयपुर शहर के सेक्टर-4 (टैगोर नगर), सेक्टर-12 (मुर्शिद नगर) निवासी महिला और अशोक नगर मोक्ष मार्ग निवासी पुरुष को भर्ती किया गया है। स्वाइन फ्लू नोडल अधिकारी डॉ. महेश दवे ने बताया कि वार्ड में 27 मरीज भर्ती हैं। संख्या बढ़ने से पास ही स्किन वार्ड का 12 बैड वाला एक रूम खोला गया है, जिसमें 5 रोगियों को शिफ्ट किया है। दो महिलाओं की हालत नाजुक है। उन्हें वेंटीलेटर पर लिया गया है। पॉजीटिव रोगी मिलने वाले क्षेत्रों में टेमी फ्लू दवा वितरित की जा रही है।
एमबी: ऑक्सीजन...
औसतनएकसिलेंडर 5 से 6 घंटे तक मरीज को ऑक्सीजन देता है, लेकिन पिछले दिनों से यह 3 से 4 घंटे में खत्म होने लगा। इसी से मेडिकल स्टाफ को सप्लायर की यह गड़बड़ी पकड़ में आई। दरअसल सिलेंडरों की सप्लाई शहर की ही एक फर्म से होती है। सबसे ज्यादा शिकायतें बाल चिकित्सालय से आई हैं। इसकी शिकायत अधीक्षक काे भी की गई है। अब तक एमबी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। एक बार बैठक जरूर की। कुछ दिन सप्लाई ठीक भी रही। स्टाफ ने इस अनियमितता को मरीजों के लिए खतरा बताया है।
स्टाफभी हो रहा है परेशान : सिलेंडरोंमेें गैस कम होने से स्टाफ को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिलेंडर बार-बार बदलना पड़ता है। कई बार तो आधी रात को स्टोर खुलवाना पड़ता है। अधीक्षक को शिकायतें भी लिखकर दी गई हैं। स्टाफ अब मीटर लगाकर गैस मापने पर विचार कर रहा है।