उदयपुर. आईसीटी थर्ड फेज वाले जिले के 106 स्कूलों में से 66 में सेटेलाइट छतरी ही खराब हो गई है। वहां पिछले एक महीने से लाइव क्लासेज नहीं हो रही हैं। इन छतरियों की मरम्मत के लिए ना उपकरण हैं और ना ही सेटेलाइट एक्सपर्ट है। सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट एलईडी और कंप्यूटर तक सीमित है।
यह स्थिति शिक्षा विभाग के रमसा प्रभारी मोहम्मद इकबाल शेख के सामने संस्था प्रधानों की मंगलवार को डाइट में हुई बैठक में सामने आई। बैठक में संस्था प्रधानों से लाइव क्लासेज की स्थिति और वहां रही दिक्कतों के बारे में ब्यौरा लिया जा रहा था। तब सामने आया कि सेटेलाइट छतरियां खराब होने से वहां पिछले एक महीने से लाइव क्लासेज ही नहीं हो रही है।
ऐसे में निजी की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज संचालित करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा हुआ। बैठक में आईसीटी को लेकर जिस कम्पनी से अनुबंध हुआ उसे सेटेलाइट छतरी मरम्मत के लिए एक्सपर्ट नियुक्त करने के लिए लिखना तय किया गया।
यह स्थिति सामने आई
मॉडल सैकंडरी स्कूल चमनपुरा, बिछड़ी सैकंडरी स्कूल, बछार सैकण्डरी स्कूल, बाउमावि गोगुंदा , सैकण्डरी स्कूल रावलिया कला, सैकण्डरी स्कूल गोगुंदा खुर्द, चांदपोल संस्कृत वरिष्ठ उपाध्याय स्कूल में सेटेलाइट छतरी ठीक नहीं है। पुरोहितों की मादड़ी सी.सै.स्कूल में कम्प्यूटर और सविना स्थित संस्कृत वरिष्ठ उपाध्याय स्कूल सेटेलाइट छतरी सोलर ऊर्जा के तार चोरी हो गए।
आईसीटी प्रोग्राम नोडल अधिकारी विनोद माथुर ने बताया कि इंटीरियर गांवों के कुछ स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या है। कुछ जगह ब्राडबैंड सुविधा नहीं है। जहां
मोबाइल टावर है लेकिन डोंगल के जरिए इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं हो पा रही है।