धोलीमगरी पर अवैध निर्माण हटाती जेसीबी।
उदयपुर. धोली मगरी बेड़वास में मेगा आवास योजना से जुड़ी जमीन पर लगा स्टे शुक्रवार को गिर्वा ग्राम न्यायालय ने खारिज कर दिया। सूचना मिलने के तत्काल बाद ही यूआईटी सचिव दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और करीब पौन घंटे के अंतराल में अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवा दिए। डेढ़ घंटे की कार्रवाई में कर आधा दर्जन पक्के निर्माण ध्वस्त कर जमीन कब्जा मुक्त करवा ली। सीएम वसुंधरा राजे ने इसी साल 27 फरवरी को इस योजना का शिलान्यास किया था।
जमीन पर हक बताते हुए 21 लोगों ने स्टे ले रखा था। सचिव रामनिवास मेहता को 3.30 बजे स्टे खारिज होने की सूचना मिली। उन्होंने तुरंत एक्सईएन संजीव शर्मा को बुलाकर तहसीलदार बाबूराम मीणा को सूचना दी। 4 बजे अपने कक्ष में एक्सईएन संजीव शर्मा अनित माथुर से चर्चा की। पांच मिनट की चर्चा के साथ एईएन गेहरीलाल शर्मा को तीन बुलडोजर मौकेे पर भेजने के निर्देश दिए। सचिव 4.20 बजे मौके पर पहुंचे। दस मिनट बाद ही एक बुलडोजर मौके पर पहुंचा और कार्रवाई शुरू। दस मिनट बाद दो बुलडोजर और पहुंचे। डेढ़ घंटे की कार्रवाई में छह निर्माण ढहा दिए।
यूआईटी के वकील मनीष शर्मा ने बताया कि गिर्वा ग्राम न्यायालय के पीठासीन अधिकारी भारत भूषण पाठक ने वादी पक्ष की सभी आपत्तियां खारिज करते हुए 11 माह पुराना स्थगन आदेश खारिज करने का आदेश दिया।
लॉटरी भी निकाल चुकी यूआईटी
यूआईटी ने 26 मई को मकान आवंटन की लॉटरी भी निकाल ली। पहले 1949 मकान बनने थे, लेकिन बाद में जो प्लान तैयार हुआ उसमें 1996 मकान ही बन पाएंगे।
काम शुरू होने में एक माह लगेगा
योजना 8.50 लाख वर्ग फीट जमीन पर विकसित होगी। 1696 मकान (जी प्लस थ्री) बनेंगे। आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग के लिए 848, अल्प आय वर्ग के लिए 630 मध्यम आय वर्ग के लिए 218 मकान बनेंगे। एक माह में काम शुरू हो जाएगा।