उदयपुर. जिला पुलिस ने पीपल फॉर पेरिटी फाउंडेशन के सहयोग से शुक्रवार को उदयपुर में पुकार एप्लीकेशन को शुरू किया। उदयपुर देश का तीसरा जिला है जहां यह एप्लीकेशन शुरू हुई है। कंट्रोल रूम पर एसपी अजयपाल लांबा ने एप की शुरुआत कर आमजन से अपील की कि एन्ड्रॉयड
मोबाइल फोन में इसे डाउनलोड कर किसी भी इमरजेंसी में इसके जरिए पुलिस से सम्पर्क साधें।
एसपी ने बताया कि इस एप की शुरुआत पुलिस रेस्पॉन्स टाइम को ज्यादा बेहतर बनाने के लिए किया गया है। अमूमन किसी आपात स्थिति की जानकारी अपनों और पुलिस तक पहुंचाने में आमजन को 15 से 20 मिनट लग जाते थे और कई बार इसका मौका भी नहीं मिल पाता। ऐसे में वह यह काम अब 5 सेकंड में कर पाएगा। इस मौके पर एएसपी डॉ. राजेश भारद्वाज, अनंत कुमार, फाउंडेशन प्रतिनिधि आदित्य गुप्ता और आरुषि मित्तल मौजूद रहे। यह एप अलवर और नैनीताल में ऑपरेट हो रही है।
ऐसे डाउनलोड करें
गूगल में पुकार - पर्सनलसेफ्टी एप्लीकेशन एंड्रायड एप्लीकेशन डालकर इसे सर्च करें। मोबाइल में इसे इंस्टॉल करें। इंस्टॉल हाेने के बाद इसे ओपन करेंगे तो नाम और पांच परिवार या कंसर्न परसन के नम्बर डालें और सबमिट कर दें। मोबाइल में एप्लीकेशन पुकार नाम से सेव होगी लेकिन लोगो पर एसओएस लिखा होगा। इसे खोलने पर मोबाइल स्क्रीन पर रेड घेरे में एसओएस लिखा होगा। इसे प्रेस करते ही पांच लोगों को अलर्ट मैसेज जाएगा।
इंटरनेट-सोशल साइट से प्रचारित करेंगे
फाउंडेशन की आरुषि मित्तल ने बताया कि उदयपुर में आने वाले टूरिस्ट भी यहां आकर इसे डाउनलोड कर सकते हैं। इंटरनेट पर उदयपुर सिक्योरिटी टूल में पुलिस के 100 नम्बर सहित यह एप्लीकेशन भी दिखेगी। इसके अलावा कॉलेज में सेमिनार, पम्फलेट के माध्यम से इसे लोगों के बीच प्रचारित किया जाएगा।
अपहरण कर दूसरे जिले में ले गए तब भी रहेंगे सम्पर्क में
किसी भी अपराध में पुलिस की इमरजेंसी मदद के लिए यह एप्लीकेशन कारगर साबित हो सकेगी। यदि किसी का अपहरण हुआ है, पीड़ित ने एसओएस ओपन कर दिया। आरोपी पीड़ित को दूसरे जिले में ले गए, तब भी पुलिस जीपीएस लोकेशन लेकर उसे ट्रेस कर मदद के लिए पहुंच सकेगी।
पुलिस ने बताया कि मिसयूज को रोकने के लिए संबंधित पांच परिजन के मोबाइल नम्बर एप्लीकेशन में डालने का ऑप्शन है। एप्लीकेशन के ऑन करने पर सबसे पहले अलर्ट पांच लोगों के पास जाएगा और लगातार जाता रहेगा।