उदयपुर. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केन्द्र सरकार द्वारा जिले में अन्त्योदय अन्न योजना में चयनित परिवारों के लिए गत वर्ष कुल 3855 मैट्रिक टन गेहूं का अतिरिक्त आवंटन हुआ था, जो हजारों गरीब परिवारों में वितरण नहीं हो पाया। अन्त्योदय परिवार को 1 रुपए की दर से 35 किलो गेहूं वितरण किया जाता है। इसके अतिरिक्त प्रति परिवार 2.75 रुपए किलो की दर से एक मुश्त 45 किलो गेहूं और वितरण करने के आदेश हुए थे।
ऐसे में प्रति परिवार कुल 80 किलो गेहूं वितरण किया जाना था, लेकिन कोटड़ा, सराड़ा सहित अन्य पंचायत समितियों के कई परिवाराें को इसका लाभ नहीं मिला। जबकि एफसीआई से संबंधित तहसील के थोक विक्रेताओं ने तय तिथि तक गेहूं का उठाव कर लिया था। जिसके बाद राशन टिकट पर प्रत्येक परिवार को वितरण किया जाना था, लेकिन कई परिवारों में गेहूं वितरण नहीं हो पाया।
ज्यादा आया, फिर भी सराड़ा और कोटड़ा के हजारों परिवारों को नहीं मिला गेहूं
हमारे रिकॉर्ड में अतिरिक्त गेहूं वितरण हुआ है। बैठक में ये मामला उठा था। हमने जांच कराने के लिए कहा है। जहां भी गड़बड़ी हुई है उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हिम्मतसिंह भाटी, जिलारसद अधिकारी
बड़ा सवाल ये है कि गरीब परिवारों को अतिरिक्त गेहूं का वितरण नहीं हुआ तो आखिर कहां और किस उपयोग में लिया गया। जिला परिषद सदस्य ख्यालीलाल सुहालका ने बताया कि मेरे निर्वाचन क्षेत्र कोटड़ा में ज्यादातर परिवारों को 80 किलो गेहूं नहीं मिला है। अतिरिक्त आवंटन में डोर स्टेप डिलेवरी की पालना नहीं हुई है। ये मामला आयोजना समिति बैठक में भी डीएसओ के समक्ष उठाया था। अब इसकी एसीबी में जांच कराई जाएगी।