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जयकारों के साथ निकली पालकी यात्रा

7 वर्ष पहले
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उदयपुर. सेक्टर 11, आदिनाथ भवन में आचार्य कनकनन्दी के सानिध्य में 5, 10, 16, 32 उपवास करने वाले श्रावकों का सम्मान किया गया। दिगंबर जैन दशा हुमड़ समाज द्वारा आयोजित समारोह में आचार्य कनक नंदी ने कहा कि तप करने वालाें के साथ उनका सम्मान करने वालों को भी फल मिलता है। आयोजन में 40 प्रतिभावान विद्यार्थियों का भी सम्मान किया गया। समारोह में अध्यक्षता राजेश बी. शाह ने की। मुख्य अतिथि संपत लाल वगेरिया, विशिष्ट अतिथि ललित धन्नावत थे। अरिहंत वाटिका में महावीर सेवा संस्थान द्वारा आयोजित सामूहिक क्षमायाचना तपस्वी सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि पंचायती राज मंत्री गुलाब चंद कटारिया थे। विशिष्ट अतिथि ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, नाना लाल बया थे। डॉ. सुभाष कोठारी ने बताया कि डॉ. राजकुमारी ने मंगलाचरण किया।

तपस्वियों और प्रतिभाओं ने पाया सम्मान

पंचायती नोहरा : श्रमणसंघीय महामंत्री सौभाग्य मुनि ने कहा कि जीवन एक गति मान तत्व है। सभी को पुरुषार्थ तो करना ही होता है, लेकिन वह कई बार गलत दिशा में हो जाता है। उसका परिणाम जीवन का पतन होता है। यदि दिशा गलत है तो परिणाम दु:खद ही आएंगे।

बीसाहुमड़ भवन : आचार्यशांतिसागर ने कहा कि देव, शास्त्र, गुरु की उपासना करना मनुष्य का सबसे श्रेष्ठ कर्तव्य है। उपासना हमेशा विवेक संयम से करनी चाहिए। अंध भक्ति करते हुए भाव-विभोर होना अविवेक पूर्ण है।

मालदास स्ट्रीट, आराधना भवन : श्रीजैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्री संघ की ओर से 9 दिवसीय आराधना का पारना मंगलवार को सिद्ध चक्र महापूजन के साथ कराया गया। महापूजन के विधान में सभी आराधकों को जाप किए। पारणे का लाभ किरणमल सावनसुखा, महापूजन का लाभ डॉ. शैलेन्द्र हिरन ने लिया।

अंबामाता: महावीर साधना स्वाध्याय समिति में मुनि निपुण विजय ने कहा कि सामयिक करने का नियम लेता है, लेकिन तनाव में रहता है तो समझना चाहिए कि उसने समता समरसता नहीं अपनाई। भगवान की प्रतिमा दर्शन कर मन में आनंद भाव नहीं आए तो मंदिर जाना बेकार है।