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इंजीनियरिंग को विश्वस्तरीय बनाने के लिए क्वालिटी एजुकेशन और ट्रेनिंग जरूरी
इंजीनियरिंगको विश्वस्तरीय बनाने के लिए एजुकेशन और ट्रेनिंग में गुणवत्ता की आवश्यकता है। इसके लिए हमें इनोवेटिव होना पड़ेगा। हमेशा नई खोज और नए आविष्कार करते रहने का प्रयास करना होगा। ये बात पेसिफिक विवि के अध्यक्ष डॉ. बीपी शर्मा ने कही। वे सोमवार को इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडिया के उदयपुर सेंटर की ओर से सेक्टर-11 स्थित सभागार में अभियंता दिवस समारोह में बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। \\\"भारतीय अभियांत्रिकी विश्वस्तरीय बनाना\\\' विषय पर समारोह में डॉ. शर्मा ने कहा कि कुछ मामलों में हम चीन, कोरिया, अमेरिका से पीछे हैं। विश्वस्तर पर पहचान बनाने के लिए हमें कॉम्पीटिटिव, इकोनेशलिज्म भी बनना पड़ेगा।
मुख्य अतिथि आरएसएमएम एमडी वैभव गालरिया ने कहा कि नए रिसर्च एवं इनोवेशन में युवाओं को आगे आना होगा। ताकी इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं। इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के चेयरमैन अनिरुद्धसिंह चुंडावत ने इंस्टीट्यूशन की गतिविधि के बारे में बताया। साथ ही एम विश्वेश्वरैया की जीवनी पर प्रकाश डाला। प्रबंधन विकास संस्थान गुड़गांव के प्रो. नारायन गुप्ता ने पावर प्वाइंट प्रिजेंटेशन के माध्यम से चीन, जापान, काेरिया, जर्मनी आदि देशों के विकास और उससे भारत की तुलनात्मक अध्ययन के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर इंजीनियर एमपी बया नेशन अवार्ड आर. वेंकट राव को दिया गया। जबकि शीला बया नेशनल अवार्ड से डॉ. पीआर थायला को सम्मानित किया गया।
तकनीकी ज्ञान में निपुण हों इंजीनियर
सार्वजनिकनिर्माण विभाग संभाग कार्यालय मीटिंग हॉल में अभियंता दिवस का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य अभियंता अनिल नेपालिया ने कहा कि इंजीनियर्स को अपने तकनीकी ज्ञान में पूर्णत निपूर्ण होना चाहिए। इस मौके पर एसोसिएशन ऑफ ग्रेजुएट इंजीनियर्स के संभागीय अध्यक्ष शैलेन्द्र चौहान ने भी विचार व्यक्त किए।