- Hindi News
- सरिस्का के पास कोटड़ा पंचायत का सेट, मैसेंजर ऑफ गॉड के रोल में संत राम रहीम
सरिस्का के पास कोटड़ा पंचायत का सेट, मैसेंजर ऑफ गॉड के रोल में संत राम रहीम
अलवर| सरिस्कासे सटे सरसा माता मंदिर में 10 दिन से डेरा सच्चा सौदा के संत राम रहीम की टीम डेरा डाले है। यहां मैसेंजर ऑफ गॉड फिल्म की शूटिंग चल रही है। राम रहीम मुख्य भूमिका में हैं। एक धर्मशाला में कोटड़ा पंचायत का सेट बनाया गया है। सरिस्का के डायरेक्टर का कहना है कि जिस क्षेत्र में यह काम चल रहा है, वह आरक्षित जंगल नहीं है।
टहला क्षेत्र के सरसा माता मंदिर में तीस नवंबर की रात से ठहरे रामरहीम और उनकी टीम के सदस्य शूटिंग और इसकी स्क्रिप्ट से जुड़ी जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रख रहे हैं। शूटिंग की लोकेशन कब और कहां होगी, इसकी जानकारी स्पेशल टीम के पांच जनों के पास ही है। फिल्म डायरेक्टर और अन्य को- स्टार्स को भी इसकी जानकारी ऐनवक्त पर ही दी जा रही है। कास्टिंग टीम के कुछ सदस्यों और संस्थान सचिव पुष्पा के अनुसार जिस फिल्म की शूटिंग हो रही है उसका नाम मैसेंजर ऑफ गॉड पार्ट टू रखा गया है। इससे पहले मैसेंजर ऑफ गॉड पार्ट वन की शूटिंग पूरी हो चुकी है और एक सप्ताह के भीतर पार्ट वन मूवी के ट्रेलर जारी हो जाएंगे। यह फिल्म जनवरी में सिनेमा घरों में प्रदर्शित होगी।
शूटिंग टीम से जुड़े कुछ सदस्यों के अनुसार फिल्म में संत रामरहीम ने कुछ बाइक स्टंट भी दिए हैं।
धर्मशाला को बनाया कोटड़ा का पंचायत भवन- संत राम रहीम अपनी कोर कमेटी टीम के साथ तीस नवंबर की रात को सरसा माता मंदिर पहुंचे थे। इसके बाद कुछ दृश्यों का फिल्मांकन आसपास के खेतों में किया गया है। मंदिर की धर्मशाला के सभी कमरे 25 दिसंबर तक बुक किए हुए हैं। जिस धर्मशाला में वे ठहरे हुए हैं उस पर अब पंचायत भवन कोटड़ा उदयपुर लिखा हुआ है। कहा जा रहा है कि मैसेंजर ऑफ गॉड मूवी में एक्शन और कॉमेडी का भी भरपूर तड़का लगाया गया है, पूरी फिल्म डेरा सच्चा सौदा द्वारा आदिवासियों के कल्याण के लिए किए गए कार्यों पर आधारित हैं। इसमें आदिवासियों में पुलिस और फौज के डर की कहानी भी बताई गई है।
मीडिया से दूरी- मीडिया से अभी तक दूरी बरती जा रही है। संत राम रहीम के धर्मशाला में रहने के दौरान मंदिर में प्रवेश करने वालों को मोबाइल, कैमरा भी अंदर ले जाने नहीं दिया जाता। यदि आप स्थानीय होने की बात कहकर महज मंदिर में सरसा माता के दर्शन करने की बात कहकर प्रवेश कर भी जाते हैं तो डेरे के अनुयायी आपके पीछे-पीछे चलेंगे, फोटो खींचने पर कड़ा विरोध भी