उदयपुर. केंद्र सरकार के आदेश के अनुसार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से कैंप लगवाकर कर्मचारियों-श्रमिकों के आधार कार्ड बनवाने हैं। यह काम प्रदेश की ई-गवर्नेंस द्वारा किया जाना है। ई-गवर्नेंस ने केंद्र सरकार के आदेश को दरकिनार करते हुए कैंप लगाने से इनकार कर दिया है, क्योंकि उन्हें प्रदेश की भामाशाह योजना शिविरों में आधार कार्ड मशीनें लगानी हैं।
ईपीएफओ में पीएफ जमा निकासी की ऑनलाइन सुविधा शुरू करने के साथ ही आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में केंद्रीय कार्यालय दिल्ली की ओर से देशभर में कैंप लगवाकर कर्मचारियों-श्रमिकों के आधार कार्ड बनवाने के निर्देश दिए थे। राजस्थान को छोड़कर देशभर में ईपीएफओ द्वारा आधार कैंप चल रहे हैं।
दस दिन जयपुर और उदयपुर ईपीएफओ कार्यालय द्वारा आधार कैंप लगवाए गए थे, जो चार दिन बाद ही बंद हो गए। प्रदेश में ईपीएफओ से जुड़े 17 लाख कर्मचारियों में से 1.5 लाख के ही आधार कार्ड सबमिट हुए हैं। अनुमानित 7-8 लाख कर्मचारियों-श्रमिकों के आधार कार्ड बनाए जाने हैं।
चार दिन में बने थे 500 आधार कार्ड
ईपीएफओ ने 10 दिन पहले सुखेर में परफेक्ट थ्रेड, चित्रकूट नगर में पीएफ ऑफिस और देबारी स्थित हिंदुस्तान जिंक प्लांट में आधार कैंप लगवाए। चार दिन बाद ही कैंप से मशीनें हटवा ली गईं, जबकि चार दिन में 500 से अधिक आधार कार्ड बने। उद्योग कैंप लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन ई-गवर्नेंस से सुनवाई नहीं हो रही।
पीएफ में इसलिए जरूरी है आधार कार्ड
ईपीएफओ में हाल ही में शुरू हुई पीएफ निकासी की ऑनलाइन सुविधा को लेकर आधार कार्ड को अनिवार्यता कर दिया गया है। विभाग को कर्मचारी की पहचान के तौर पर कमी महसूस होने लगी। पीएफ राशि ऑनलाइन निकासी में गबन, फर्जीवाड़ा होने की आशंका बढ़ गई तो आधार कार्ड अनिवार्य किया गया।
हम भामाशाह शिविरों में आधार कार्ड बना रहे हैं। राज्य सरकार की योजना है तो सारे ऑपरेटर भी उसी में लगा रखे हैं। मशीनें फ्री नहीं हैं। ईपीएफओ को लाखों कर्मचारियों के आधार कार्ड बनवाने हैं। इसके लिए जयपुर से अनुमति लेनी पड़ेगी। शीतल अग्रवाल, एसीपी,ई-गवर्नेंस उदयपुर
केंद्रीय स्तर पर सूचना प्रौद्यागिकी और ईपीएफओ के बीच करार हो चुका है। हमसे प्रतिदिन रिपोर्ट मांगी जा रही है, लेकिन ई-गवर्नेंस द्वारा आधार कैंप नहीं लगवाए जा रहे हैं।