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- \"उपदेश सुनने से नष्ट होता है दर्शन मोह\'
\"उपदेश सुनने से नष्ट होता है दर्शन मोह\'
उदयपुर | मुनिप्रणम्य सागर ने कहा कि उपदेश और जिनवाणी सुनने से दर्शन मोह नष्ट होता है, सम्यक दर्शन प्राप्त होता है। मात्र इच्छाओं की पूर्ति के लिए गुरु तथा प्रभु को मानना मोक्ष मार्ग से भटकाने वाले भाव है। मुनिश्री बुधवार को सर्वऋतु विलास स्थित महावीर जिनालय में आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पदार्थों का संयोग ही दुख के कारण है। दुख यदि हमारी बुद्धि धर्म की ओर जाए तो दुख भी वरदान बन जाता है।