उदयपुर. अस्पतालों के निरीक्षण का संभाग स्तरीय अभियान बुधवार को शुरू हुआ। चिकित्सा विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. आर.एन. बैरवा ने अंबामाता स्थित सेटेलाइट अस्पताल पहुंचे तो ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम में काम आने वाली ड्रेस उपकरणों को संक्रमण से मुक्त रखने वाला ऑटोक्लेव खराब मिला। डॉ. बैरवा ने तुरंत इंजीनियर्स को बुलाकर ठीक कराया।
दूसरी ओर जिले में बीसीएमओ अन्य चिकित्साधिकारियों ने भी अस्पतालों का दौरा किया।इन्होंने कहीं खराब पड़ी मशीनों को तुरंत ठीक कराने के लिए तो कहीं अन्य समस्याओं पर स्टाफ को पाबंद किया। निशुल्क दवा योजना के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश भराड़िया ने बड़गांव सीएचसी में कई खामियों को ठीक कराया। निरीक्षण के दौरान चिकित्साधिकारियों ने लेबर रूम, वार्ड, बेड शीट्स, मशीन, संसाधन, लैब, पार्किंग स्थल आदि जगहों का बारीकी से निरीक्षण किया।
टॉयलेट देखकर पूछा-साबुन कहां है
अम्बा माता सेटेलाइट हॉस्पिटल में दौरे में संयुक्त निदेशक ने सबसे पहले टायलेट देखे। उनके कहने पर सिंक पर साबुन रखा गया। यहां मेडिकल वेस्ट वाले बैग सही जगह पर नहीं थे और वाटर कूलर भी बंद मिला।
बड़गांव सीएचसी में संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलना बताया। उन्होंने बताया कि उन्हें मार्च से वेतन नहीं मिल रहा है। सीएचसी के रेडियोग्राफर, लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, निशुल्क दवा जांच योजना में लगे कर्मचारी ने यह परेशानी बताई। डॉ. भराड़िया ने वेतन दिलाने का आश्वासन दिया।
ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. बैरवा ने चांदपोल अस्पताल में 6 घंटे बिताए। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा दी गई 11 पेज की चेकलिस्ट के अनुसार हर सामान चेक किया। साफ पानी के लिए लगी आरओ मशीन खराब मिली। इसके साथ ही ऑटोक्लेव को भी ठीक कराने की कार्रवाई शुरू की। जननी शिशु योजना वार्ड का टीवी स्टोर में बंद था। डॉ. बैरवा ने इसे निकलवा कर चलवाया। अस्पताल में साइन बोर्ड की कमी मिली। स्टाफ यूनिफॉर्म में नहीं मिला तो डॉ. बैरवा ने नाराजगी जताते हुए पाबंद किया। वार्डों में पंखे भी खराब थे। जांच योजना में सभी मशीनें ठीक सभी केमिकल पाए गए।