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6% उद्योग ही आगे बढ़ा पाई तीसरी पीढ़ी : मंुजाल

6 वर्ष पहले
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हीरोमोटो कार्प के संयुक्त प्रबंध निदेशक सुनील कांत मुंजाल ने कहा कि वर्तमान में उद्योग का आगे बढ़ाना चुनौती भरा है। मात्र छह प्रतिशत उद्योगों को ही तीसरी पीढ़ी आगे बढ़ा पाई है जबकि शेष यूनिट किसी किसी कारण बंद हो चुकी है। उदयपुर में औद्योगिक माहौल बनने लगा है। कैडिला, मेनकांइड जैसी बड़ी कंपनियों के आने से उद्योगों का विस्तार होगा। मुंजाल गुरुवार को उदयपुर चेंबर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के 50वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य वक्ता चैंबर भवन में नवनिर्मित पीपी सिंघल सभागार में यह बात कहीं। उन्होंने उद्यमियों को नसीहत दी कि आगे की पीढ़ी को सीधे गद्दी सौंपने की बजाय स्टेप बॉय स्टेप प्रबंधन तक पहुंचाए। इसका नुकसान है कि हार्ड वर्क और बेसिक नॉलेज नहीं होने से कंपनी आगे बढ़ने के बजाए बंद होने की कगार पर पहुंच जाती है। युवाओं को उद्यम में क्रिएटर, बिल्डअप और डिस्ट्रॉय के भेद को समझना होगा। उन्होंने कहा कि चेंबर का उद्देश्य उद्योग एवं व्यापार की समस्याएं सुलझाना ही नहीं है बल्कि वैचारिक आदान प्रदान करना भी है। पदाधिकारियों के समक्ष आने वाले समय के अनुरूप गतिविधियों का संचालन चुनौति है। अध्यक्ष विनोद कुमट ने कहा कि सदस्यों के विचारों में भिन्नता हो सकती है, लेकिन चेंबर के लक्ष्य एवं उद्देश्यों के प्रति सभी एकमत है। चेंबर चेयरमेन सलिल सिंघल ने जुबली ईयर की घोषणा की। संचालन निराली जैन ने और आभार चेंबर मानद महासचिव हेमंत जैन ने अदा किया।

अन्य संगठनों से जुड़ाव | यूसीसीआईफेडरेशन आॅफ इंडियन चेंबर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की),भारतीय उद्योग परिसंघ (सी.आई.आई.), पी.एच.डी. चेंबर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, इंडो-जर्मन चेंबर आॅफ कॉमर्स, फैडरेशन आॅफ इंडियन मिनरल इंडस्ट्रीज़, फेडरेशन आॅफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन, नेशनल सेफ्टी काउंसिल, राजस्थान चेंबर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री आदि

कार्य | {उद्योगोंएवं सरकार के मध्य प्रेरक { सरकार द्वारा उद्योगों से संबन्धित नीति निर्धारण में सलाहकार की भूमिका { जिलास्तरीय,राज्यस्तरीय एवं राष्ट्रीय स्तर की सलाहकार समितियों में प्रतिनिधित्व

निजी क्षेत्र की सहभागिता से राज्य की आर्थिक राजधानी के रूप में विकसित करना।

> चितौडग़ढ़ में टेक्सटाइल जोन बनाना।

> बांसवाड़ा में एग्रो पार्क निर्माण करवाना।

> आबू रोड़ को विशेष आर्थिक क्षेत्र बनाना।

> उदयपुर में गैस टर्मिनल

> आईआईयूएस स्कीम के तहत उदयपुर में मार्बल क्लस्टर बनाना।

> सुखेर औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार करना।

> रिंग रोड़ निर्माण

>2000 लोगों की बैठक क्षमता वाला कंवेंशनल सेंटर बनवाना।

कार्य क्षेत्र : इंडस्ट्रीयलएंड बिजनेस ग्रोथ, माइनिंग, इन्वायरमेंटल संस्टेनेबिलिटीज, माइनिंग, स्किल डवलपमेंट, टूरिज्म, एजूकेशन, सीईटीपी।

अबतक के चेंबर अध्यक्ष : पीपीसिंघल (1965-79), एसआर नेवातिया(1979-80) एमएच सोनी (1980-82) बीएच बापना (1983-85) केके लाहोटी (1985-86) सलिल सिंघल(1987-89)धीरज मुर्डिया (1989-91) ओपी केडिया (1991 -1993) अरविंद सिंघल(1993-95, 2001-03) कोमल कोठारी (1995 -97) रमेश चौधरी(1997-1999) पीएस तलेसरा(1999-2001) केएस मोगरा(2003 -2005) मंदाकिनी मुर्डिया (2005-07) एमएल लूणावत(2007-08) वीरेंद्र सिरोया (2008-10)सीपी तलेसरा (2010 -12) एमके टाया (2012-14) विनोद कुमट (2014 -15)

चैंबर परिचय

स्थापना : सन्1965 में श्री पी. पी. सिंघल द्वारा

पंजीयन: 12फरवरी 1979 को राजस्थान नाॅन ट्रेडिंग कंपनीज एक्ट के तहत।

चेंबरसदस्य: 450(80 बड़े एवं मध्यम स्तर के उद्योग, 185 लघु उद्योग, 70 प्रोफेशनल एवं शैक्षणिक संस्थान के, 100 सदस्य व्यापारिक एवं 15 ट्रेड एसोसिएशन)

यूसीसीआई के वर्तमान तथा पूर्व अध्यक्ष (बाएं) तथा गोल्डन जुबली कार्यक्रम में मौजूद चैंबर सदस्य उद्यमी। फोटो: भास्कर